जयपुर। राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल ने हृदय रोग उपचार के क्षेत्र में नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया है। अस्पताल के कार्डियो-थोरेसिक एंड वास्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग ने पिछले 15 वर्षों में 2 हजार से अधिक मिनिमल इनवेसिव कार्डियक सर्जरी (एमआईसीएस) सफलतापूर्वक कर देश का पहला सरकारी अस्पताल बनने का गौरव हासिल किया है। यह उपलब्धि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक चिकित्सा तकनीक के प्रभावी उपयोग का बड़ा उदाहरण मानी जा रही है।
एसएमएस अस्पताल में मिनिमल इनवेसिव कार्डियक सर्जरी की शुरुआत वर्ष 2011-12 में की गई थी। तब से अब तक विभाग ने माइट्रल वाल्व रिप्लेसमेंट (एमवीआर), एओर्टिक वाल्व रिप्लेसमेंट (एवीआर), डबल वाल्व रिप्लेसमेंट (डीवीआर), कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्ट (सीएबीजी) तथा जन्मजात हृदय रोगों से जुड़े दो हजार से अधिक जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए हैं।
मिनिमल इनवेसिव कार्डियक सर्जरी (एमआईसीएस) हृदय ऑपरेशन की आधुनिक तकनीक है, जिसमें केवल 2 से 3 इंच के छोटे चीरे से सर्जरी की जाती है। इस प्रक्रिया में छाती की हड्डी (स्टर्नम) को काटने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जबकि पारंपरिक ओपन हार्ट सर्जरी में 7 से 8 इंच का बड़ा चीरा लगाकर हड्डी काटनी पड़ती है।
इस आधुनिक तकनीक से मरीजों को ऑपरेशन के दौरान और बाद में दर्द व रक्तस्राव कम होता है। साथ ही संक्रमण की आशंका काफी कम रहती है। सीटीवीएस विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि एसएमएस अस्पताल में मिनिमल इनवेसिव सर्जरी के दौरान बाईपास प्रक्रिया सेंट्रल कैन्युलेशन तकनीक से की जाती है, जो अन्य चिकित्सा संस्थानों की तुलना में अलग और अधिक प्रभावी है। इस तकनीक में मरीज को अतिरिक्त स्थान पर दूसरा चीरा लगाने की आवश्यकता नहीं होती, जिससे रिकवरी और अधिक तेज होती है।
उन्होंने बताया कि यह तकनीक विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। पहले इस प्रकार की सर्जरी केवल विदेशों या देश के चुनिंदा निजी अस्पतालों में उपलब्ध थी, जहां इसके लिए लाखों रुपये खर्च करने पड़ते थे। अब एसएमएस अस्पताल में यह सुविधा आम मरीजों को सुलभ हो रही है।
डॉ. अनिल शर्मा ने वर्ष 2011-12 में इस तकनीक की शुरुआत की थी। इस उपलब्धि में प्रो. डॉ. सुनील दीक्षित, एसोसिएट प्रो. डॉ. मोहित शर्मा, डॉ. सौरभ मित्तल और डॉ. वक्ता राम चौधरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अलावा कार्डियक एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. रिमी मीना, कार्डियक परफ्यूजनिस्ट तथा नर्सिंग स्टाफ ने भी इस उपलब्धि में अहम योगदान दिया।
एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. दीपक माहेश्वरी ने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि सीटीवीएस विभाग द्वारा 2 हजार से अधिक मिनिमल इनवेसिव कार्डियक सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी करना सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह सफलता न केवल राजस्थान, बल्कि देशभर के सरकारी चिकित्सा संस्थानों के लिए प्रेरणादायक है और अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।



















