जयपुर। राजधानी में कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों के आसपास युवाओं तक नशा पहुंचाने वाले एक अंतर-जिला मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का बगरू थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस मुख्यालय के राज्यव्यापी अभियान ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ के तहत की गई कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से गांजा और हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया गया है।
मौके से तीन मोटरसाइकिलें और दो आईफोन भी जब्त किए गए हैं, जबकि गिरोह के तीन अन्य आरोपी फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) प्रशांत किरण ने बताया कि बगरू थाना पुलिस ने सेज रोड स्थित जेडीए कॉलोनी के पीछे खाली पड़े प्लॉटों में गश्त व संदिग्धों की चेकिंग कर रही थी।
इसी दौरान तीन युवक अलग-अलग मोटरसाइकिलों पर संदिग्ध अवस्था में बैठे मिले। पुलिस टीम को देखकर तीनों युवक मोटरसाइकिलें छोड़कर भागने लगे। पीछा कर पुलिस ने मनीष मीणा (21) निवासी रामपुरा ऊंती, थाना बगरू को पकड़ लिया, जबकि उसके दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
पुलिस ने आरोपी मनीष मीणा के बैग की तलाशी में 263 ग्राम गांजा और 14 ग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा मिला। उसकी बाइक जब्त कर ली गई। वहीं फरार आरोपी सुरेश चौधरी की बाइक की डिक्की से 214 ग्राम गांजा तथा फरार आरोपी विकास गुर्जर की बाइक से 202 ग्राम गांजा बरामद हुआ।
पुलिस ने कुल 693 ग्राम मादक पदार्थ (679 ग्राम गांजा और 14 ग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा), तीन मोटरसाइकिलें तथा दो आईफोन जब्त किए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि गिरोह का मुख्य सप्लायर संदीप चौधरी है, जो थोक में गांजा उपलब्ध कराता था। इसके बाद आरोपी जयपुर के विभिन्न प्रतिष्ठित कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों के बाहर छोटे-छोटे पैकेट बनाकर छात्रों और युवाओं को ऊंचे दामों पर गांजा बेचते थे।
पुलिस के अनुसार फरार मुख्य सप्लायर संदीप चौधरी के खिलाफ पहले भी गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2020 में बगरू थाने में जाली नोट से जुड़े मामले में उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज होकर चालान पेश किया जा चुका है। वहीं वर्ष 2019 में विश्वकर्मा थाना क्षेत्र में जानलेवा हमला, लूट, बलवा और मारपीट के मामले में भी उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज हुआ था।
फरार आरोपियों में सुरेश चौधरी, विकास गुर्जर और मुख्य सप्लायर संदीप चौधरी शामिल हैं। पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। पुलिस अब गिरोह की सप्लाई चेन, वित्तीय लेन-देन और अन्य सहयोगियों की भी जांच कर रही है। इस कार्रवाई को सफल बनाने में थानाधिकारी राजेंद्र कुमार गोदारा के नेतृत्व में कांस्टेबल हरिशंकर, हंसाराम, मुकेश कुमार और सुनील कुमार की विशेष भूमिका रही।



















