जयपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार आगामी दिनों में पूरे राजस्थान में एक व्यापक सामाजिक और आध्यात्मिक अभियान चलाने जा रहा है। इस अभियान के तहत प्रदेशभर में नारी जागरण सम्मेलन, शिक्षक गरिमा सम्मेलन और युवा जागरण सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन सभी सम्मेलनों का आयोजन बड़े यज्ञ कार्यक्रमों के साथ अनिवार्य रूप से किया जाएगा, ताकि आध्यात्मिक चेतना के साथ-साथ समाज सुधार का संदेश प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
शांतनिकेतन/शांतिकुंज हरिद्वार राजस्थान जोन कार्यालय की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के जन्मशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में यह आयोजन किया जा रहा है। प्रथम चरण में प्रदेश की प्रत्येक तहसील और उसके बाद जिला स्तर पर ये आयोजन संपन्न होंगे।
राजस्थान जोन समन्वयक गौरीशंकर सैनी ने बताया कि केवल बड़े यज्ञ आयोजित करना ही पर्याप्त नहीं है। चूंकि यज्ञों में भारी समय, संसाधन और मानव श्रम का निवेश होता है, इसलिए उनके साथ-साथ समाज की वर्तमान चुनौतियों पर मंथन होना भी आवश्यक है। इसी सोच के तहत यज्ञों के मंच से महिलाओं, शिक्षकों और युवाओं को जागरूक व संगठित करने का संकल्प लिया गया है।
सम्मेलनों के विषय किए निर्धारित:
नारी जागरण सम्मेलनों में महिला सशक्तिकरण, संस्कारवान परिवार निर्माण, स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता, समयदान, भारतीय संस्कृति, सप्त आंदोलन तथा युग निर्माण में नारी की भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा होगी। शिक्षक गरिमा सम्मेलनों में नई शिक्षा नीति, भारतीय संस्कृति आधारित शिक्षा, प्रतिभा परिष्कार, छात्रों में विचार क्रांति, रचनात्मक आंदोलन और शिक्षक की राष्ट्र निर्माण में भूमिका पर मंथन होगा।
वहीं युवा जागरण सम्मेलनों में तनाव एवं समय प्रबंधन, विज्ञान और अध्यात्म का समन्वय, व्यक्तित्व विकास, चरित्र निर्माण, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, कुरीति उन्मूलन, स्वावलंबन और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा।



















