कांग्रेस देश के युवाओं को गुमराह कर सेंक रही है राजनीतिक रोटियां:डॉ राधा मोहन दास अग्रवाल

0
36
Congress is misleading the country's youth to serve its own political interests: Dr. Radha Mohan Das Agrawal.
Congress is misleading the country's youth to serve its own political interests: Dr. Radha Mohan Das Agrawal.

जयपुर। भाजपा प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी संसद में पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर खुली, व्यापक और सार्थक चर्चा चाहती है, लेकिन कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सदन की कार्यवाही बाधित कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अवरोध उत्पन्न कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं है, बल्कि उनकी भावनाओं को भड़काकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है।

डॉ. अग्रवाल ने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में एनडीए सांसदों ने संसद के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन कर कांग्रेस द्वारा लगातार सदन नहीं चलने देने का विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि भाजपा पेपर लीक मामले में व्यापक चर्चा, निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ त्वरित एवं कठोर कार्रवाई के पक्ष में है, जबकि विपक्ष इस मुद्दे पर चर्चा से बच रहा है।

उन्होंने कहा कि जब लोकतांत्रिक तरीके से समस्या का समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है, तब कांग्रेस बौखलाहट में संसद की कार्यवाही बाधित कर रही है। इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस की प्राथमिकता युवाओं का भविष्य नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ हासिल करना है।
भाजपा प्रदेश प्रभारी ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि जब वे राजस्थान के शिक्षा मंत्री थे, तब रीट परीक्षा का पेपर लीक हुआ था।

उस समय उनके इस्तीफे की मांग उठी, लेकिन उन्होंने यह कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया था कि परीक्षाएं अधिकारी कराते हैं। उन्होंने कहा कि आज वही डोटासरा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, जो उनके दोहरे मापदंड को दर्शाता है।
डॉ. अग्रवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से सवाल किया कि यदि वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, तो क्या उन्होंने रीट पेपर लीक प्रकरण के दौरान तत्कालीन शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा को मंत्रिमंडल से हटाया था? उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने शासनकाल की जवाबदेही तय करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि नवंबर 2021 में जयपुर में आयोजित एक राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्वयं शिक्षकों से सार्वजनिक रूप से पूछा था कि क्या तबादलों के लिए पैसे देने पड़ते हैं, जिस पर उपस्थित शिक्षकों ने एक स्वर में ‘हां’ में जवाब दिया था। उस समय गोविंद सिंह डोटासरा शिक्षा मंत्री थे, लेकिन इसके बावजूद उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस को नैतिकता का पाठ पढ़ाने से पहले अपने शासनकाल के फैसलों और जवाबदेही पर आत्ममंथन करना चाहिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here