जयपुर। ब्रह्मपुरी स्थित ऐतिहासिक श्री गढ़ गणेश मंदिर में 13 से 15 सितम्बर तक तीन दिवसीय महा गणपति जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। मंदिर महंत प्रदीप औदीच्य के सान्निध्य में होने वाले आयोजन में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, विशेष शृंगार, आरती और दर्शन की व्यवस्थाएं की जाएंगी। महेश मेहता, गौरव मेहता और आनंद मेहता आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
जन्मोत्सव का प्रमुख आकर्षण 14 सितम्बर गणेश चतुर्थी को होने वाले बाल स्वरूप के दर्शन होंगे। मंदिर की विशेष परंपरा के अनुसार इस दिन गणपति महाराज बिना सूंड और बिना वस्त्र के बाल रूप में दर्शन देंगे। भगवान के इस दुर्लभ पुरुषाकृति बाल स्वरूप के दर्शन वर्ष में केवल एक बार जन्मोत्सव के अवसर पर होते हैं। इसी कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
13 को सिंजारा महोत्सव
गौरव मेहता ने बताया कि 13 सितम्बर को सिंजारा महोत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान गणपति को मेहंदी अर्पित की जाएगी। भगवान को नवीन वस्त्र धारण कराने के साथ गुड़धानी और डंके अर्पित किए जाएंगे। शाम 4 से रात 8 बजे तक श्रद्धालुओं को सिद्ध मेहंदी वितरित की जाएगी।
14 को होंगे विशेष धार्मिक अनुष्ठान
गणेश चतुर्थी के दिन सुबह 4 बजे पंचामृत अभिषेक होगा। इसके बाद पत्र-पुष्प माला से विशेष शृंगार किया जाएगा। मंदिर की परंपरा के अनुसार बाल स्वरूप में दर्शन होने के कारण गणपति को वस्त्र धारण नहीं कराए जाएंगे। सुबह 5 बजे मंगला आरती के साथ सहस्र दुर्वाचन और एक हजार मोदकों का अर्पण किया जाएगा। दोपहर 12 बजे भोग आरती के बाद सहस्र नामावली से हवन होगा। शाम 7 बजे संध्या आरती और रात 12 बजे शयन आरती होगी। जन्मोत्सव के दौरान विशेष झांकी भी सजाई जाएगी।
15 को मेला और शोभायात्रा
15 सितम्बर को पारंपरिक मेला आयोजित होगा। सुबह अभिषेक और नवीन वस्त्र धारण कराने के बाद सुबह 5 बजे मंगला आरती तथा दोपहर 12 बजे भोग आरती होगी। इसके बाद भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा के मंदिर पहुंचने के बाद शयन आरती की जाएगी।
फूलों से सजेगा मंदिर, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिर परिसर और गर्भगृह को रंग-बिरंगे फूलों, आकर्षक सजावट, मुकुट और आभूषणों से सजाया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग दर्शन लाइन, प्रवेश और निकास की व्यवस्था रहेगी। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग सहित विशेष आवश्यकता वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग व्यवस्था की जाएगी। सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन के सहयोग से बैरिकेडिंग, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था रहेगी। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्ग का पालन करने और व्यवस्थाएं बनाए रखने में सहयोग की अपील की है।



















