जयपुर। श्रावण मास की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के निर्वहन के क्रम में हाथोज धाम स्थित श्री दक्षिणमुखी बालाजी मंदिर में शनिवार, दशमी तिथि से भव्य ‘लहरिया उत्सव’ का शुभारंभ हुआ। यह उत्सव राखी पूर्णिमा तक निरंतर जारी रहेगा। उत्सव के शुभारंभ पर भगवान श्री सीताराम जी एवं श्री दक्षिणमुखी बालाजी महाराज का अलौकिक श्रृंगार कर उन्हें विशेष रूप से तैयार की गई मनमोहक लहरिया पोशाक धारण कराई गई, जिसके दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
हाथोज धाम के पीठाधीश्वर स्वामी बालमुकुंदाचार्य महाराज ने बताया कि राजस्थानी संस्कृति में सावन माह के दौरान लहरिया का विशेष महत्व है। इसी परंपरा के तहत राखी पूर्णिमा तक प्रतिदिन ठाकुर जी एवं बालाजी महाराज को नई-नई डिजाइन और रंगों की लहरिया पोशाकें धारण कराई जाएंगी। उत्सव के दौरान मंदिर परिसर में नियमित रूप से विशेष पूजन-अर्चन व धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सावन की परंपरा के अनुसार भगवान को प्रतिदिन विशेष रूप से घेवर प्रसादी का भोग अर्पित किया जाएगा। लहरिया उत्सव के शुभारंभ के साथ ही हाथोज धाम में दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया है।



















