जयपुर। ब्रह्मपुरी रोड स्थित ‘मंगोड़ी वालों की बगीची’ में 8 अगस्त से आयोजित हो रही श्रीमद् भागवत कथा के दौरान गुरुवार को श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ा। कथा के दौरान वृंदावन धाम से पधारे सुप्रसिद्ध भागवताचार्य डॉ. संजय कृष्ण सलिल ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य ‘गोवर्धन धारण’ लीला का मनमोहक वृत्तांत सुनाया।
कथा व्यास डॉ. संजय कृष्ण सलिल ने गोवर्धन लीला के आध्यात्मिक और व्यावहारिक महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन धारण लीला वास्तव में प्रकृति, पर्यावरण और गोवंश को सम्मान व संरक्षण देने का संदेश देती है। प्रकृति की रक्षा करना ही ईश्वर की सच्ची पूजा है।”
कथा के दौरान भागवताचार्य ने जब ‘वेणु गीत’ का मार्मिक प्रसंग सुनाया, तो श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा पांडाल कन्हैया के जयकारों से गूंज उठा। इस पावन अवसर पर मुख्य यजमान व श्रद्धालुओं— बालमुकुन्द सोनी, नारायणी देवी, उमा देवी, राजेश सोनी, विद्या देवी एवं शिवशंकर सोनी ने व्यास पीठ और श्रीमद् भागवत जी की महाआरती उतारकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
आयोजन समिति ने बताया कि शुक्रवार को कथा के अंतिम दिन सुदामा चरित्र, नव योगेश्वर संवाद और राजा परीक्षित मोक्ष के दिव्य प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा, जिसके साथ ही इस संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का विधिवत विश्राम होगा।



















