छात्रसंघ चुनाव बहाली को लेकर जयपुर में बवाल: विधानसभा कूच पर पुलिस से भिड़े छात्र

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जयपुर। छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर शुक्रवार को जयपुर में छात्रों का आंदोलन उग्र हो गया। छात्र नेता नीरज खीचड़ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र 22 गोदाम सर्किल से विधानसभा की ओर कूच करने लगे। विधानसभा घेराव की कोशिश को रोकने के लिए पुलिस ने तीन स्तर की बैरिकेडिंग के साथ भारी जाब्ता और स्पेशल टास्क फोर्स तैनात की थी। छात्रों ने बैरिकेडिंग पर चढ़कर आगे बढ़ने और उसे पार करने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की, झड़प और नारेबाजी हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पीछे खदेड़ते हुए कई छात्रों को हिरासत में लिया। छात्र नेता नीरज खीचड़ समेत तीन छात्र नेताओं को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई।

छात्रों ने करीब 10 दिन पहले विश्वविद्यालय परिसर से सरकार को 21 अगस्त तक छात्रसंघ चुनाव बहाल करने का अल्टीमेटम दिया था। मांग पूरी नहीं होने पर विधानसभा घेराव की चेतावनी दी गई थी। इसके बाद नीरज खीचड़ ने प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों का दौरा कर छात्रों को आंदोलन से जोड़ा। शुक्रवार को झुंझुनूं, सीकर, दौसा और कोटा सहित कई जिलों से छात्र जयपुर पहुंचे।

बैरिकेडिंग पर चढ़े, पुलिस ने खदेड़ा

छात्र 22 गोदाम सर्किल स्थित पेट्रोल पंप के पास जुटे और विधानसभा की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने रास्ते में तीन लेयर की बैरिकेडिंग कर रखी थी। छात्र बैरिकेडिंग पर चढ़कर नारे लगाने लगे और उसे पार करने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने उन्हें पीछे हटाया और कई प्रदर्शनकारियों को थाने व पुलिस लाइन ले जाया गया। हिरासत में लिए गए छात्र नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर छात्र काफी देर तक मौके पर नारेबाजी करते रहे।

‘छात्रसंघ चुनाव भीख नहीं, अधिकार’

नीरज खीचड़ ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव कोई भीख नहीं, बल्कि लाखों युवाओं का अधिकार है। उन्होंने दावा किया कि पिछले चार साल से चुनाव नहीं हुए हैं। इस दौरान छात्रों ने पानी की टंकियों पर चढ़कर प्रदर्शन किया, आमरण अनशन किए और लाठियां तक खाईं, लेकिन सरकार ने मांग पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के करीब 80 प्रतिशत विश्वविद्यालय और डिग्री कॉलेज बिना चुने छात्र प्रतिनिधियों के चल रहे हैं।

खीचड़ ने आरोप लगाया कि सीकर, झुंझुनूं और दौसा से जयपुर आ रहे छात्रों की गाड़ियों को पुलिस ने जगह-जगह रोका और चालान किए। उन्होंने कहा कि सरकार में ऐसे लोग हैं, जो खुद छात्र राजनीति से आए हैं, लेकिन उन्हें पढ़े-लिखे युवाओं के मुख्यधारा की राजनीति में आने का डर है।

कांग्रेस पर भी साधा निशाना

नीरज खीचड़ ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर छात्रसंघ चुनावों पर रोक लगाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस को इसी का खामियाजा सत्ता से बाहर होकर भुगतना पड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वर्तमान सरकार भी चुनाव बहाल नहीं करती है तो उसका भी यही हाल होगा। उन्होंने भाजपा सरकार पर कांग्रेस के ढर्रे पर चलने का आरोप लगाया। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा पर भी उन्होंने निशाना साधा।

कांवड़ लेकर विधानसभा की ओर बढ़े कमल चौधरी
आंदोलन में आरएलपी नेता कमल चौधरी के नेतृत्व में छात्रों ने अलग अंदाज में कांवड़ यात्रा निकाली। छात्र गलता जी से कांवड़ में जल लेकर विद्युतेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए निकले थे। कांवड़ियों ने छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर नारेबाजी की।

स्टैच्यू सर्किल और अंबेडकर सर्किल के पास पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान हल्की झड़प और धक्का-मुक्की हुई। छात्रों का आरोप है कि पुलिस के रोकने के दौरान कुछ कांवड़ियों के पास रखा पवित्र जल सड़क पर गिर गया। इससे कुछ देर हंगामे की स्थिति बनी। कमल चौधरी ने पुलिस पर हल्का बल प्रयोग करने का आरोप भी लगाया।

बाद में पुलिस और छात्रों के बीच समझाइश के बाद पांच छात्रों को विद्युतेश्वर महादेव मंदिर जाने की अनुमति दी गई। पांचों ने भगवान शिव को जल अर्पित कर छात्रसंघ चुनाव बहाल करने और सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की। कमल चौधरी और उनके कुछ समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया।

निकाय-पंचायत चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी

छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि जल्द छात्रसंघ चुनाव की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। नीरज खीचड़ ने कहा कि मांग नहीं मानी गई तो आगामी शहरी स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों के बहिष्कार पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के प्रमुख विपक्षी नेता छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग के समर्थन में हैं।

स्कूलों में मीडिया प्रवेश के आदेश पर भी हमला

प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों और मीडिया की एंट्री पर जारी हालिया आदेश को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। खीचड़ ने आरोप लगाया कि सरकार जर्जर स्कूल भवनों, शिक्षकों की कमी और अव्यवस्थाओं को छिपाने के लिए ऐसे आदेश जारी कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्र अपने अधिकारों की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे और सरकार ने जल्द फैसला नहीं किया तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा।

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