जयपुर। नागौर के डांगावास में वर्ष 2015 में हुए हत्याकांड में 40 आरोपियों के बरी होने के विरोध में भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने शुक्रवार को जयपुर के शहीद स्मारक पर प्रदर्शन किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में दलित समाज के लोग शामिल हुए।
चंद्रशेखर आजाद ने शहीद स्मारक से विधानसभा कूच की तैयारी की, जिसे देखते हुए पुलिस ने मौके पर भारी जाब्ता तैनात किया। शहीद स्मारक के बाहर बैरिकेडिंग की गई और ड्रोन से निगरानी रखी गई। इसके बाद चद्रशेखर समर्थकों के साथ स्मारक के बाहर धरने पर बैठ गए, जबकि एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर से वार्ता के लिए भेजा गया।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि डांगावास की घटना ऐसे गहरे जख्मों में शामिल है, जो लंबे समय तक तकलीफ देते हैं। उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई भी मामले में पर्याप्त सबूत नहीं जुटा पाई। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसा क्यों हुआ। आरोपियों के बरी होने पर उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से मजबूत पैरवी के लिए सरकारी वकील नियुक्त किए जा सकते थे, जिससे पीड़ितों को न्याय मिल पाता।
चंद्रशेखर ने कहा कि डांगावास जैसी घटना दोबारा नहीं हो, इसके लिए सामंती सोच को खत्म करना होगा। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र है और इसमें सभी को समान अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने घोषणा की कि डांगावास से जयपुर तक पैदल यात्रा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि वे संसद में भी इस मामले को उठाने वाले थे, लेकिन सदन नहीं चल सका। उन्होंने पीड़ितों के न्याय के लिए आंदोलन जारी रखने की बात कही।
गौरतलब है कि 14 मई 2015 को नागौर के डांगावास में जमीन विवाद को लेकर हिंसक घटना हुई थी। इसमें रतनाराम मेघवाल, पोखरराम मेघवाल, पांचाराम मेघवाल, खेमाराम मेघवाल और गणपतराम मेघवाल सहित अन्य लोगों की हत्या हुई थी। दूसरे पक्ष के रामपाल गोसाईं की भी मौत हुई थी। इनमें तीन लोगों की मौत ट्रैक्टर से कुचलने के कारण हुई थी। मामले की जांच बाद में सीबीआई को सौंपी गई थी।


















