जयपुर। श्री अमरापुर स्थान जयपुर में सतगुरु स्वामी शांति प्रकाश महाराज के 120वें पांच दिवसीय जन्मोत्सव के समापन पर भक्ति, श्रद्धा और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। पांच दिवसीय जयपुर प्रवास पर आए प्रेम प्रकाश मंडलाध्यक्ष सतगुरु स्वामी भगत प्रकाश महाराज की अमोलक वाणी से श्रद्धालुओं ने भक्ति रस का आनंद लिया।
समापन अवसर पर श्री प्रेम प्रकाश ग्रंथ साहिब और गीता के पाठों के विधिवत भोग-परायण के साथ दीप प्रज्वलित कर स्वामी शांति प्रकाश महाराज के विग्रह के समक्ष 51 किलो महाप्रसादी का भोग लगाया गया। जयपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गुरु दरबार में शीश नवाया और गुरुदेव को रक्षा सूत्र बांधकर आशीर्वाद लिया। सुबह से ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। उत्सव में हजारों लोगों ने भोजन प्रसादी ग्रहण की।
जन्मोत्सव के समापन पर आश्रय केयर अनाथालय के बच्चों ने श्री अमरापुर स्थान पहुंचकर दर्शन किए और प्रेमपूर्वक भोजन प्रसादी ग्रहण की। संतों की ओर से बच्चों को फल, प्रसाद और भेंट दी गई। जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में कुष्ठ आश्रम में भी भोजन प्रसादी, फल और मिष्ठान भेजे गए।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में शनिवार को मंत्रोच्चारण और विधि-विधान के साथ श्री प्रेम प्रकाश ग्रंथ, गीता और भागवत महापुराण के सात दिवसीय पाठों का शुभारंभ हुआ। आयोजकों के अनुसार इन पाठों का भोग-परायण 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन शाम को होगा।
जन्माष्टमी पर सुबह प्रार्थना, सत्संग, हवन और अन्य धार्मिक कार्यक्रम होंगे। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य समय अभिषेक, खीर प्रसादी और आरती का आयोजन किया जाएगा।



















