गोविंददेवजी मंदिर में तीन सितंबर को छांवण में नो एंट्री: रैंप से होंगे ठाकुर जी के दर्शन

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Janmashtami festival at Govind Dev Ji Temple from August 19
Janmashtami festival at Govind Dev Ji Temple from August 19

जयपुर। शहर के आराध्य देव गोविंददेवजी मंदिर में चार सितंबर को होने वाले श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग सहित अन्य तैयारियों के चलते तीन सितंबर को मंदिर के छांवण यानी मुख्य जगमोहन परिसर में श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद रहेगा। मंदिर प्रशासन ने इस दिन श्रद्धालुओं के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था की है। छांवण में प्रवेश नहीं होने के कारण जूता-चप्पल रखने के लिए स्टैंड की व्यवस्था भी नहीं रहेगी।

गोविंद देवजी मंदिर के सेवा अधिकारी मानस गोस्वामी के अनुसार तीन सितंबर को श्रद्धालु छांवण के बाहर बनाए गए विशेष रैंप से ठाकुर जी के दर्शन कर सकेंगे। इसके अलावा जलेब चौक की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को मुख्य द्वार गेट नंबर-1 से प्रवेश दिया जाएगा। यहां से निर्धारित कतार के जरिए छांवण के बाहर बने रैंप तक पहुंचकर दर्शन होंगे। इसके बाद श्रद्धालुओं को यू-टर्न लेकर गेट नंबर-2 से बाहर निकलना होगा।

इसी तरह ब्रह्मपुरी और कंवर नगर की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए गेट नंबर-7 से प्रवेश की व्यवस्था रहेगी। निर्धारित कतार के जरिए छांवण के बाहर रैंप के नीचे से ठाकुरजी के दर्शन होंगे। दर्शन के बाद यू-टर्न लेकर गेट नंबर-6 से निकासी होगी।

वहीे तीन सितंबर को मंदिर में ठाकुरजी की विभिन्न झांकियों के दर्शन निर्धारित समय के अनुसार होंगे। मंगला झांकी सुबह 4 से 5.15 बजे, धूप झांकी सुबह 7.30 से 9 बजे, शृंगार झांकी सुबह 9.30 से 10.15 बजे और राजभोग झांकी सुबह 10.45 से 11.15 बजे तक होगी। इसके बाद ग्वाल झांकी शाम 4.30 से 5.15 बजे और संध्या झांकी शाम 5.45 से 6.45 बजे तक होगी। वहीं उत्सव दर्शन रात 7 से 8.30 बजे तक होंगे। शयन झांकी रात 9 से 9.15 बजे तक रहेगी।

इधर मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है। श्रद्धालुओं को बड़ा बैग, कैमरा, चमड़े का सामान, महंगा पर्स और भारी आभूषण लेकर मंदिर नहीं आने की सलाह दी गई है। 3 सितंबर को जूता-चप्पल स्टैंड की व्यवस्था भी नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं से अपनी सुविधा के अनुसार ही मंदिर आने को कहा गया है।

इसके अलावा भीड़ और गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं से अपने साथ पीने के पानी की बोतल रखने की भी अपील की गई है। वहीं हृदय रोग, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या सांस संबंधी परेशानी से पीड़ित श्रद्धालुओं को अपनी स्वास्थ्य स्थिति का ध्यान रखते हुए ही दर्शन के लिए आने की सलाह दी गई है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

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