जयपुर। गणेश चतुर्थी पर सोमवार को राजधानी जयपुर में प्रथम पूज्य भगवान गणेश का जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। शहर के प्रमुख गणेश मंदिरों में तड़के से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में सुबह करीब 5 बजे से ही दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गईं। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर कतार मंदिर परिसर से निकलकर जेएलएन रोड तक पहुंच गई। गणपति बप्पा के जयकारों और भक्ति गीतों से मंदिर और आसपास का क्षेत्र भक्तिमय नजर आया।
मंहत कैलाश शर्मा के अनुसार मोतीडूंगरी गणेशजी महाराज का गणेश चतुर्थी पर विशेष राजसी शृंगार किया गया। भगवान को हीरे-जड़े स्वर्ण मुकुट, नौलखा हार और अन्य आभूषण धारण कराए गए। चांदी के सिंहासन पर राजसी स्वरूप में विराजे गणेशजी के मनमोहक दर्शन के लिए श्रद्धालु परिवार सहित पहुंचे। भक्तों ने कतार में लगकर दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
19 घंटे से अधिक समय तक हुए दर्शन
मंदिर में सुबह 5 बजे मंगला आरती के साथ दर्शन शुरू हुए, जो रात 11.40 बजे शयन आरती तक जारी रहे। यानी श्रद्धालुओं को 19 घंटे से अधिक समय तक गणेशजी के दर्शन का अवसर मिला। गणेश चतुर्थी के चलते शहर के अन्य प्रमुख गणेश मंदिरों में भी रात से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था।
72 सीसीटीवी से निगरानी, 6-6 डिटेक्टर
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मोतीडूंगरी मंदिर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। मंदिर परिसर में 72 नए सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। इनकी रिकॉर्डिंग 30 दिन तक सुरक्षित रखी जाएगी। सुरक्षा जांच के लिए 6 डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी) और 6 हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (एचएचएमडी) लगाए गए।
श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए मंदिर में प्रवेश की छह और निकासी की आठ लाइनें बनाई गईं। एक लाइन प्रवेश पास के लिए रखी गई। श्रद्धालुओं को एमडी रोड, जेएलएन मार्ग और तख्तेशाही रोड से प्रवेश दिया गया। बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 100 ई-रिक्शा लगाए गए। इलेक्ट्रिक लो-फ्लोर बसों की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। व्यवस्थाओं में करीब 500 स्वयंसेवक लगाए गए।
डीजीपी ने लिया सुरक्षा का जायजा
गणेश चतुर्थी पर श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए राजस्थान के डीजीपी भी मोतीडूंगरी गणेश मंदिर पहुंचे। उन्होंने मंदिर के महंत कैलाश शर्मा के साथ सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल भी मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद डीजीपी ने भगवान गणेश के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
15 सितंबर को नगर भ्रमण पर निकलेंगे गणेशजी
गणेश जन्मोत्सव का समापन 15 सितंबर को मोतीडूंगरी गणेशजी के नगर भ्रमण के साथ होगा। शोभायात्रा मोतीडूंगरी गणेश मंदिर से रवाना होकर एमडी रोड, जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, गणगौरी बाजार और नाहरगढ़ रोड होते हुए गढ़ गणेश मंदिर पहुंचेगी। इस दौरान गणेशजी के नगर भ्रमण के साथ गणेश जन्मोत्सव का समापन होगा।



















