जयपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार की सह-संस्थापिका भगवती देवी शर्मा का अवतरण दिवस 20 सितंबर को राजधानी सहित प्रदेशभर के शक्तिपीठों, प्रज्ञापीठों, प्रज्ञा संस्थानों और चेतना केंद्रों में भक्तिभाव से मनाया जाएगा। इस अवसर पर जन-जागरण और आध्यात्मिक उत्थान से जुड़े कई विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे।
गायत्री परिवार राजस्थान के मुख्य ट्रस्टी ओमप्रकाश अग्रवाल ने बताया कि माताजी का जीवन त्याग, सेवा, करुणा और मातृशक्ति जागरण का अद्वितीय उदाहरण है। उनके जन्मशताब्दी वर्ष के अंतर्गत आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों का उद्देश्य उनके जीवन संदेशों को जन-जन तक पहुँचाना तथा समाज में सद्भाव और आत्मजागरण की भावना को सुदृढ़ करना है।
20 सितंबर को सभी केंद्रों पर सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक 12 घंटे का अखंड गायत्री महामंत्र जप आयोजित होगा। जप की निरंतरता बनाए रखने के लिए परिजनों की समयबद्ध टोलियाँ बनाई गई हैं। जप साधना के साथ ही सामूहिक गायत्री चालीसा पाठ का आयोजन भी किया जाएगा।
साधना सत्र के उपरांत विशेष गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें वक्ता माताजी के त्यागमय जीवन, युग निर्माण योजना और मातृशक्ति जागरण में उनके योगदान पर प्रकाश डालेंगे। इसके पश्चात शाम को लोक कल्याण, राष्ट्र निर्माण और विश्व शांति की कामना के साथ कम से कम 108 दीप प्रज्वलित कर भव्य दीपयज्ञ किया जाएगा। कई स्थानों पर 5 से 9 कुंडीय यज्ञ भी आयोजित होंगे।
आयोजन के तहत गुरु चरण पादुका पूजन, व्यास पूजा, अमृतवाणी श्रवण, संस्मरण वाचन और जनजागरण रैलियाँ भी निकाली जाएंगी। सभी केंद्रों को अपने कार्यक्रमों की रिपोर्ट और संकल्प संख्या जोनल कार्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं।



















