जयपुर। छोटीकाशी के नाम से प्रसिद्ध गुलाबी नगरी में शनिवार को राधाष्टमी का पर्व भक्तिभाव और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। शहर के प्रमुख कृष्ण मंदिरों में श्रीराधा रानी के प्राकट्योत्सव पर पंचामृत अभिषेक, विशेष झांकियां, बधाई पद, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजन होंगे। मंदिरों में उत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
राधाष्टमी का मुख्य आयोजन श्री गोविंद धाम ठिकाना मंदिर श्री गोविंद देवजी में होगा। इसके अलावा पुरानी बस्ती स्थित श्री राधा गोपीनाथजी, चौड़ा रास्ता के श्री राधा दामोदरजी व मदन गोपालजी, चांदनी चौक के बृज निधिजी व आनंद कृष्ण बिहारीजी, बनीपार्क स्थित राधा कृष्ण मंदिर और रामगंज चौपड़ के मुरली मनोहरजी मंदिर सहित शहर के विभिन्न कृष्ण मंदिरों में राधाष्टमी उत्सव मनाया जाएगा। सुभाष चौक पानों का दरीबा स्थित श्री शुक संप्रदाय की आचार्य पीठ श्री सरस निकुंज में पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण महाराज के सान्निध्य में शाम 6 से रात 9 बजे तक राधाष्टमी एवं आचार्य छठी बधाई महोत्सव आयोजित होगा।
251 कन्याओं का होगा अभिनंदन
राधा रानी प्राकट्योत्सव के अवसर पर ‘रोशनी-भगवान श्रीकृष्ण की ओर यात्रा’ संस्था की ओर से नारायण धाम आश्रम, श्री नृसिंहजी की बगीची, गोपालबाड़ी, मेट्रो पिलर नंबर 144 के सामने, रेलवे स्टेशन पर शनिवार को विशेष आयोजन किया जाएगा। संचालिका जागृति मूंदड़ा दहिया और कृष्ण सिंह दहिया ने बताया कि भजन एवं गीतों के माध्यम से श्रद्धालु श्रीकृष्ण और राधारानी के प्रति भक्ति व्यक्त करेंगे।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण गद्दीपति मनीषा किन्नर और उनकी शिष्याओं की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले बधाई गीत, भजन और नृत्य होंगे। श्रीमद्भगवद्गीता व्याख्यानकार जागृति मूंदड़ा दहिया के अनुसार आयोजन का उद्देश्य समाज में आपसी सामंजस्य, सौहार्द और सकारात्मक वातावरण को बढ़ावा देना है। इसी क्रम में किन्नर समाज के प्रति सामाजिक झिझक दूर कर आपसी संबंधों को मजबूत करने का संदेश दिया जाएगा।
इस बार आयोजन में विशेष पहल के तहत 251 कन्याओं का अभिनंदन किया जाएगा। कन्याओं को कपड़े, उपहार और शिक्षा से संबंधित सामग्री वितरित की जाएगी। आयोजकों के अनुसार कन्या सम्मान को नारी सम्मान, शिक्षा के प्रति जागरूकता और सामाजिक सौहार्द से जोड़ते हुए आयोजन का सामाजिक संदेश दिया जाएगा।
आयुष्मान, सौभाग्य और रवि योग का संयोग
पंचांग के अनुसार भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर राधाष्टमी मनाई जाती है। आचार्य गौरी शंकर शर्मा बोरखेड़ा के अनुसार इस बार 19 सितंबर शनिवार को राधाष्टमी पर आयुष्मान योग, सौभाग्य योग और रवि योग का संयोग रहेगा। अष्टमी तिथि दोपहर 3:28 बजे तक रहेगी। पूजा का शुभ मुहूर्त दोपहर 12:19 से 3:28 बजे तक रहेगा।
भक्त इस दिन राधा-कृष्ण की पूजा-अर्चना और व्रत कर परिवार की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना करेंगे। मध्याह्न काल में राधा-कृष्ण की प्रतिमा या चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पंचामृत स्नान, चंदन, वस्त्र, पुष्प, धूप और शृंगार अर्पित करने की परंपरा है। इसके बाद माखन-मिश्री, खीर, फल या सात्विक मिष्ठान का भोग लगाया जाएगा। आचार्य के अनुसार राधाष्टमी पर राधा-कृष्ण की पूजा के साथ तुलसी पूजन भी शुभ माना गया है।



















