जयपुर। पुरोहित जी के कटले में हुए भीषण अग्निकांड के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। शुक्रवार को जयपुर लोकसभा सांसद मंजू शर्मा ने शहरी विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा से मुलाकात कर हादसे की निष्पक्ष जांच कराने, लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने तथा परकोटे की अग्निशमन व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की।
3.90 करोड़ के हाइड्रेंट सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल
मुलाकात के दौरान सांसद ने पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार के कार्यकाल में करीब 3.90 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किए गए फायर हाइड्रेंट सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। परकोटे की संकरी गलियों में आग लगने की स्थिति में बड़ी दमकलों के नहीं पहुंच पाने को देखते हुए इस व्यवस्था के तहत करीब 7 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन, पानी की टंकियां और हाइड्रेंट प्वाइंट्स विकसित किए गए थे। इसका उद्देश्य आपात स्थिति में प्रभावित स्थान तक तत्काल पानी पहुंचाना था।
सांसद ने कहा कि भीषण अग्निकांड के दौरान यह सिस्टम प्रभावी तरीके से काम नहीं कर पाया। ऐसे में करोड़ों रुपए की लागत से तैयार की गई इस अग्निशमन व्यवस्था की उपयोगिता, रखरखाव और संचालन व्यवस्था की जांच जरूरी है। उन्होंने पूरे प्रोजेक्ट की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सिस्टम के काम नहीं करने के पीछे तकनीकी खामी, रखरखाव में कमी या किसी स्तर पर लापरवाही जिम्मेदार थी।
जिम्मेदारी तय करने का भरोसा
सांसद मंजू शर्मा ने कहा कि जनता के पैसे से सुरक्षा व्यवस्था पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए हैं तो उनका नियमित रखरखाव और आपात स्थिति में प्रभावी संचालन सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। उन्होंने हादसे में हुई लापरवाही की जांच कर दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने सांसद को आश्वस्त किया कि अग्निकांड की गहन जांच कराई जाएगी और जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी अधिकारी या व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परकोटे की अग्निशमन व्यवस्था की कमियों को दूर कर सिस्टम को अधिक प्रभावी बनाने का भरोसा दिलाया।



















