भगवती देवी शर्मा के अवतरण दिवस पर शक्तिपीठों में गूंजा गायत्री महामंत्र, एक करोड़ से अधिक हुए जाप

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जयपुर। गायत्री परिवार की सह-संस्थापिका वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा का अवतरण दिवस रविवार को देश भर के शक्तिपीठों, प्रज्ञापीठों और चेतना केंद्रों में श्रद्धा एवं साधना के साथ मनाया गया। माताजी के जन्मशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक अखंड गायत्री महामंत्र का सामूहिक जाप किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने एक करोड़ से अधिक जाप पूर्ण किए।

गायत्री परिवार राजस्थान के मुख्य ट्रस्टी ओमप्रकाश अग्रवाल ने बताया कि जयपुर के विभिन्न केंद्रों पर स्थानीय परिजनों की टोलियों द्वारा निर्बाध रूप से जप का क्रम चलाया गया। इस दौरान गायत्री महामंत्र के साथ सामूहिक गायत्री चालीसा पाठ भी संपन्न हुआ।

गोविंद देवजी मंदिर में पंच कुंडीय महायज्ञ

आराध्य देव गोविंद देवजी मंदिर में महंत अंजन कुमार गोस्वामी जी महाराज के सान्निध्य में वंदनीया माताजी को समर्पित पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आहुतियां दीं। यज्ञ का संचालन दिवाकर शर्मा ने किया। इस अवसर पर भारतीय संस्कृति की परंपरा अनुसार जन्मदिन संस्कार भी कराया गया।

विभिन्न केंद्रों पर गोष्ठी एवं दीपयज्ञ

गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी, वेदना निवारण केंद्र मानसरोवर, गायत्री शक्तिपीठ वाटिका और कालवाड़ सहित विभिन्न केंद्रों पर विशेष धार्मिक एवं वैचारिक कार्यक्रम हुए। जन्मशताब्दी विशेष गोष्ठियों में वक्ताओं ने माताजी के त्यागमय जीवन, मातृशक्ति जागरण में उनके अतुलनीय योगदान और युग निर्माण योजना के संकल्पों पर विचार-विमर्श किया।संध्या समय सामूहिक दीपयज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें 108 से अधिक दीप प्रज्वलित कर लोक कल्याण, राष्ट्र निर्माण एवं विश्व शांति की प्रार्थना की गई। आयोजनों की श्रृंखला में गुरु चरण पादुका पूजन, व्यास पूजा, अमृतवाणी श्रवण, संस्मरण वाचन एवं जनजागरण रैलियां भी शामिल रहीं।

ट्रस्टी ओमप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि माताजी का जीवन करुणा, तप, सेवा और त्याग का अनुपम प्रतीक है। उनके जन्मशताब्दी वर्ष का मुख्य उद्देश्य उनके जीवन संदेश को जन-जन तक पहुंचाकर समाज में सद्भाव और आत्मजागरण की भावना को मजबूत करना है।

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