जयपुर। गोविंद देव मंदिर के पास स्थित जगद्गुरू आश्रम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस बुधवार को भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन हुआ। कथा व्यास विद्या सागर महाराज ने माखन चोरी, यशोदा मैया द्वारा कान्हा को ऊखल से बांधने और कालिया नाग दमन की लीला सुनाई। प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
विद्या सागर महाराज ने कहा कि कान्हा का माखन चुराना वास्तव में गोपियों के प्रेम को चुराना था। यशोदा मैया जब उन्हें ऊखल से बांधने लगीं तो रस्सी बार-बार दो अंगुल छोटी पड़ गई। उन्होंने कहा कि भगवान अहंकार से नहीं, बल्कि प्रेम की डोरी से बंधते हैं।
कालिया नाग दमन प्रसंग में उन्होंने कहा कि यमुना में कालिया नाग के फनों पर नृत्य कर श्रीकृष्ण ने मनुष्य के भीतर मौजूद काम और क्रोध रूपी विकारों के दमन का संदेश दिया। कथा श्रवण से भक्ति और विवेक जागृत होते हैं। उन्होंने कहा कि ‘मैं’ और ‘मेरा’ माया और अज्ञान का स्वरूप हैं, जिन्हें सत्संग और संतों के सान्निध्य से दूर किया जा सकता है।
कथा के दौरान हरिद्वार से पधारे जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज का ट्रस्टियों और श्रद्धालुओं ने स्वागत कर आशीर्वाद लिया। कथा विश्राम के अवसर पर 1 अक्टूबर को जगद्गुरू शंकराचार्य के प्रवचन होंगे। आश्रम के महंत स्वामी अक्षयानंद सरस्वती ने बताया कि श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
कथा विश्राम पर पंडित भोजराज, मोहन शर्मा, रवींद्र भदौरिया, चंद्र महेश झालानी, अजय गोयल और पवन पारीक सहित श्रद्धालुओं ने भगवान की आरती की। कथा का आयोजन 2 अक्टूबर को दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक होगा।



















