जयपुर। विद्याधर नगर थाना पुलिस ने नई मोटरसाइकिल चोरी के मामले का 12 घंटे में खुलासा करते हुए दो वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बिना नंबर की नई हीरो होंडा स्प्लेंडर बरामद की है।
पुलिस के अनुसार 27 सितंबर की शाम सेंट्रल स्पाइन स्थित बजरंग बली टॉवर के पास से मोटरसाइकिल चोरी हुई थी। 30 सितंबर को रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों के आने-जाने का रूट तैयार किया। निगरानी के दौरान पुलिस ने विशाल गुप्ता (18) और मनीष स्वामी (21) को चोरी की बाइक सहित पकड़ लिया।
पूछताछ में सामने आया कि दोनों नशे के आदी हैं और महंगे शौक व मौज-मस्ती के लिए वाहन चोरी करते थे। पुलिस दोनों से अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
मेट्रो स्टेशनों से फायर फाइटिंग सामान चोरी करने वाली गैंग पकड़ी
जयपुर मेट्रो के विभिन्न स्टेशनों से फायर फाइटिंग सिस्टम का सामान चोरी करने वाली गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जयपुर मेट्रो थाना पुलिस ने दो शातिर चोरों सहित चोरी का माल खरीदने वाले कबाड़ी को गिरफ्तार कर होस रील और ब्रांच पाइप बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार 25 सितंबर को मानसरोवर मेट्रो स्टेशन पर मॉक ड्रिल के दौरान फायर फाइटिंग कैबिनेट खुला मिला। जांच में होस रील और ब्रांच पाइप गायब मिले। इसके बाद न्यू आतिश मार्केट, विवेक विहार, श्याम नगर, सिविल लाइंस और जयपुर रेलवे स्टेशन मेट्रो स्टेशनों पर भी सामान चोरी होने का पता चला।
सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्ध कैबिनेट से सामान निकालते नजर आए। तकनीकी सूचना और फुटेज के आधार पर पुलिस ने विक्की राणवा (30), सुरेंद्र कुमार (33) और चोरी का माल खरीदने वाले कबाड़ी रमेश चंद्र अग्रवाल (63) को गिरफ्तार किया। पुलिस ने चोरी का सामान बरामद कर लिया है। कबाड़ी को बीएनएस की धारा 317(2) के तहत गिरफ्तार किया गया है।
डॉक्टर पर जानलेवा हमला करने वाला मुख्य साजिशकर्ता गिरफ्तार
नारायण विहार थाना इलाके में डॉक्टर पर जानलेवा हमला करने के मामले का पुलिस और डीएसटी जयपुर दक्षिण ने खुलासा करते हुए मुख्य साजिशकर्ता को गिरफ्तार किया है। आरोपी डॉक्टर के पड़ोसी का भतीजा है। पुलिस के अनुसार पुरानी रंजिश के चलते उसने साथियों के साथ डॉक्टर की रैकी कर वारदात की साजिश रची थी।
18 सितंबर की रात डॉ. मदन यादव कॉलोनी में टहल रहे थे। इसी दौरान दो बाइक पर आए छह नकाबपोश बदमाशों ने लाठी-डंडों और सरियों से उन पर हमला कर दिया। गंभीर हालत में डॉक्टर को अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले की जांच के लिए नारायण विहार थाना, साइबर सेल और डीएसटी के 17 पुलिसकर्मियों की टीम गठित की गई।
टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज, बीटीएस डेटा और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच में डॉक्टर के पड़ोसी सुभाष मटोरिया से पूर्व विवाद सामने आया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसके भतीजे रमन मटोरिया (23) की भूमिका सामने आई। पुलिस ने रमन को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के आधार पर वारदात में शामिल अन्य पांच आरोपियों, हथियार और वाहनों की तलाश जारी है।



















