गुरु प्रदोष और मासिक शिवरात्रि का दुर्लभ संयोग आज

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A rare convergence of Guru Pradosh and Monthly Shivratri today.
A rare convergence of Guru Pradosh and Monthly Shivratri today.

जयपुर। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष के गुरुवार को गुरु प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि का विशेष संयोग बन रहा है, जिसमें छोटीकाशी जयपुर के शिव मंदिरों में भगवान भोलेनाथ का विशेष पूजन-अभिषेक किया जाएगा। गुरुवार को त्रयोदशी तिथि होने से गुरु प्रदोष का व्रत रखा जाएगा, वहीं रात्रि सवा 10 बजे चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ होने से निशीथ काल में मासिक शिवरात्रि का पूजन संपन्न होगा।

पंडित बनवारी लाल शर्मा ने बताया कि गुरुवार को आने वाले प्रदोष व्रत को ‘गुरु प्रदोष’ कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष काल में भगवान शिव की आराधना करने से सुख-समृद्धि, आरोग्य की प्राप्ति, ज्ञान में वृद्धि और शत्रु बाधाओं से मुक्ति मिलती है। वहीं, मासिक शिवरात्रि की पावन रात्रि में शिवलिंग का जलाभिषेक करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति और वैवाहिक जीवन की समस्याओं का निवारण होता है।

शर्मा ने बताया कि श्रद्धालु सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। शाम को प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल, गंगाजल, दूध और पंचामृत से अभिषेक करें। इसके बाद अखंडित बेलपत्र, धतूरा, शमी पत्र, सफेद पुष्प व भस्म अर्पित करें। धूप-दीप जलाकर ‘ॐ नमः शिवाय’ या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते हुए शिव आरती करें।

रात्रि में मासिक शिवरात्रि के निशीथ काल के दौरान पुनः शिवलिंग का जलाभिषेक कर बेलपत्र अर्पित करें। इस शुभ संयोग को देखते हुए शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की सहभागिता और विशेष धार्मिक आयोजनों की तैयारियां की गई हैं।

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