गौ अधिकार हुंकार रैली से पूर्व किया 33 कोटि देवी-देवताओं का पूजन

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Worship of the 33 crore gods and goddesses performed prior to the 'Gau Adhikar Hunkar Rally'.
Worship of the 33 crore gods and goddesses performed prior to the 'Gau Adhikar Hunkar Rally'.

जयपुर। गौ अधिकार हुंकार रैली से एक दिन पहले गुरुवार को टोंक रोड सांगानेर स्थित श्री पिंजरापोल गौशाला में गोमाता पूजन कर 33 कोटि देवी-देवताओं का आह्वान किया गया। राजस्थान गोसेवा समिति के बैनर तले हुए इस धार्मिक आयोजन में दिनेश गिरी जी महाराज फतेहपुर सीकर, रामदास जी शास्त्री देवी धाम जोधपुर, गोविंद बल्लभ जी सिरोही सहित अन्य संत-महात्माओं, गोभक्तों एवं गोसेवकों ने गोमाता की पूजा-अर्चना कर गोवंश से आयोजन को सफल बनाने की प्रार्थना की।

पूजन के बाद शुक्रवार 9 अक्टूबर को होने वाली गौ अधिकार हुंकार रैली और महासम्मेलन का शंखनाद किया गया। पूजन कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए गोसेवकों ने गोशालाओं और गोवंश से जुड़े विषयों पर चर्चा की। इसके बाद रैली की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।

राजस्थान गोसेवा समिति की ओर से 9 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे श्री पिंजरापोल गौशाला में होने वाली रैली में प्रदेश की करीब 4,200 से 4,300 गोशालाओं से जुड़े लगभग 50 हजार प्रतिनिधियों तथा 500 से 700 संत-महात्माओं के शामिल होने की संभावना है।

राजस्थान गोसेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष महंत गोविन्दराम शास्त्री एवं प्रदेश महामंत्री सी.ए. बी.पी. क्याल ने बताया कि द्वारिका पीठ शंकराचार्य सदानंद सरस्वती जी महाराज, मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास जी महाराज महाराज सहित सात सौ से अधिक संतों के सान्निध्य में होने वाली रैली में गोशालाओं, गोपालकों और गोवंश संरक्षण से जुड़े विभिन्न मुद्दे सरकार के समक्ष रखे जाएंगे।

आशा है मुख्यमंत्री या गोपालन मंत्री रैली में आकर गोसेवकों की बात सुनेंगे और मांगें पूरी करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष महंत गोविन्दराम शास्त्री ने कहा कि गोमाता की सेवा के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे कार्यों को गोभक्त सकारात्मक मानते हैं, लेकिन योजनाओं और व्यवस्थाओं का समय पर क्रियान्वयन जरूरी है। रैली के माध्यम से गोशालाओं से जुड़े विषयों का समाधान कराने की मांग सरकार के सामने रखी जाएगी।

समिति के मुख्य सलाहकार रघुनाथ सिंह शिवलाव ने बताया कि पिछले करीब डेढ़ वर्ष में कई गोशालाओं के संचालन से जुड़ी कठिनाइयां बढ़ी हैं। कई गोशालाओं का अनुदान रोका गया है। ऑडिट रिकवरी के मामलों में भी समिति ने समीक्षा की मांग की है। अधिकारियों को दस्तावेज और प्रमाण उपलब्ध कराए गए हैं।

शिवलाव के अनुसार 8 जनवरी को राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम के साथ समिति की बैठक हुई थी। इसके बाद 23 जनवरी को गोपालन विभाग की ओर से अनुदान जारी करने की तिथियों के संबंध में आदेश जारी किए गए। निर्धारित तिथियां बीतने के बावजूद कई गोशालाओं को अनुदान नहीं मिला।

समिति की ओर से अकाल की स्थिति को देखते हुए गोशालाओं में पानी की व्यवस्था और पशु शिविर शुरू करने की मांग की जा रही है। शिवलाव ने उच्च न्यायालय की जोधपुर पीठ के निर्देशों का हवाला देते हुए पाइपलाइन, ट्यूबवेल अथवा टैंकर से पानी उपलब्ध कराने की मांग रखी है। इसके साथ ही गोशालाओं को भूमि आवंटन का मुद्दा भी रैली में उठाया जाएगा।

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