निहार शान्ति आंवला का ‘शान्ति से पूछो’ अभियान पहुंचा अलवर

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Nihar Shanti Amla’s ‘Shanti Se Poocho’ campaign reaches Alwar.
Nihar Shanti Amla’s ‘Shanti Se Poocho’ campaign reaches Alwar.

अलवर। भारत की अग्रणी एफएमसीजी कंपनियों में से एक मैरिको लिमिटेड ने अपने ब्रांड निहार शान्ति आंवला के जरिए ‘शान्ति से पूछो’ पहल को राजस्थान के अलवर लेकर पहुंची। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं को उद्यमिता, आर्थिक आत्मनिर्भरता और व्यक्तिगत विकास जैसे विषयों पर जागरूक करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। ‘मजबूत फैसले’ प्लेटफॉर्म के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में 200 से अधिक माताओं और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। ये सभी ब्रांड की प्रमुख सीएसआर पहल ‘निहार शान्ति मजबूती की पाठशाला’ से जुड़े हैं, जो वंचित समुदायों के बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए काम करती है।

इस पहल का उद्देश्य ‘मजबूत फैसले’ के संदेश को उन महिलाओं तक पहुंचाना था, जो अपने परिवारों में निर्णय लेने, बच्चों की आकांक्षाओं को दिशा देने और समुदाय के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के दैनिक जीवन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। साथ ही, उन्हें सवाल पूछने, अपने विचार साझा करने और व्यक्तिगत व आर्थिक प्रगति की संभावनाओं को समझने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम की प्रमुख वक्ताओं में जयपुर डोरी और राजस्थान स्थित शालिनी फाउंडेशन की संस्थापक एवं उद्यमी शालिनी नरुका शामिल रहीं। अपने उद्यमशीलता के अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने महिलाओं को उद्यमिता अपनाने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उनके सत्र में महिलाओं की रोजमर्रा की चुनौतियों, आकांक्षाओं और महत्वाकांक्षाओं से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर विशेष जोर दिया गया।

वहीं, ब्लूमिंग बड्स की संस्थापक एवं मोटिवेशनल स्पीकर सुमन अग्रवाल ने महिलाओं को अपनी पहचान, क्षमताओं और रोजमर्रा के कौशल के महत्व को समझने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से बताया कि छोटे लेकिन सार्थक कदमों से आत्मविश्वास बढ़ाया जा सकता है और सोच-समझकर लिए गए फैसलों के जरिए अपने भविष्य को बेहतर दिशा दी जा सकती है।

कार्यक्रम के दौरान ब्रांड की सीएसआर पहल के अंतर्गत सहयोग प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के बीच आयोजित निबंध लेखन प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी माताओं के सपनों, आकांक्षाओं और उनके जीवन को दिशा देने वाली आंतरिक शक्ति पर अपने विचार प्रस्तुत किए। निबंधों के माध्यम से बच्चों ने अपनी माताओं के संघर्ष, आत्मविश्वास और परिवार के प्रति उनके योगदान को अभिव्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन मनोरंजक खेलों और विभिन्न सहभागितापूर्ण गतिविधियों के साथ हुआ, जिनमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

यह पहल निहार शान्ति आंवला के ‘शान्ति से पूछो’ प्लेटफॉर्म का हिस्सा है। यह एआई-संचालित डिजिटल साथी महिलाओं को रोजमर्रा के सवालों से लेकर जीवन के महत्वपूर्ण फैसलों तक, विभिन्न परिस्थितियों में मार्गदर्शन देने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इसका लक्ष्य महिलाओं को अधिक आत्मविश्वास और स्पष्टता के साथ ‘मजबूत फैसले’ लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।

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