जयपुर। भारत विकास परिषद, उत्तर पूर्व प्रांत और आर्य युवा समाज के तत्वावधान में शुक्रवार को वैशाली नगर स्थित डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल में 501 कुंडीय संस्कार महायज्ञ एवं नशा मुक्ति जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एक हजार से अधिक विद्यार्थियों ने यजमान के रूप में भाग लेकर संस्कारमय, नशामुक्त और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। राज्यपाल सहित सभी अतिथियों ने यज्ञ में आहुतियां दीं।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भारत विकास परिषद के संगठन मंत्री विक्रांत खंडेलवाल ने कहा कि नशे की समस्या को उसी दृढ़ता से समाप्त करने की जरूरत है, जिस तरह देश ने नक्सलवाद के खिलाफ प्रयास किए हैं। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और समाज को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों की ओर से नशे को योजनाबद्ध तरीके से फैलाकर देश के विकास में बाधा पहुंचाने के प्रयासों के प्रति युवाओं को सतर्क रहना होगा। नई शिक्षा नीति के तहत तीन वर्ष की आयु में बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में निरंजन अखाड़े के महामंडलेश्वर आचार्य नर्मदा शंकर और आर्य प्रतिनिधि सभा राजस्थान के संरक्षक सुमेधानंद सरस्वती का सान्निध्य रहा। अध्यक्षता भारत विकास परिषद उत्तर पूर्व प्रांत के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. श्याम सुंदर अग्रवाल ने की। डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल की प्रबंधक सरिता रंजन और स्वागत अध्यक्ष हरि शंकर बिलवाल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संयोजन भारत विकास परिषद की चित्रकूट शाखा की अध्यक्ष डॉ. रीता भार्गव ने किया।
कार्यक्रम में नशामुक्ति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली संस्थाओं और व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। इनमें ब्रह्माकुमारी संस्था, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, स्वामीनारायण मंदिर समिति सहित सामाजिक एवं जनजागरण से जुड़ी संस्थाएं और मनोचिकित्सक शामिल रहे। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज में भारतीय संस्कारों, नैतिक मूल्यों, अनुशासन तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम स्थल पर नशामुक्ति, संस्कार निर्माण, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी अपनाने, सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन और नागरिक कर्तव्यों जैसे विषयों पर प्रदर्शनी लगाई गई। इसके माध्यम से विद्यार्थियों, अभिभावकों और आमजन को सुसंस्कृत, आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संदेश दिया गया। आयोजकों ने पूरे कार्यक्रम को प्लास्टिक मुक्त रखा और नागरिक कर्तव्यों के साथ परिवार प्रबोधन को भी विशेष महत्व दिया।
महायज्ञ के समापन पर अतिथियों, विद्यार्थियों और उपस्थित जनसमुदाय के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था की गई। डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल के प्राचार्य राजन गौतम ने आभार व्यक्त किया। डॉ. रीता भार्गव और प्राचार्य राजन गौतम ने नागरिकों से संस्कार, सेवा, समरसता और नशामुक्त समाज के निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

















