एआई से आसान होगी कानूनी ड्राफ्टिंग: अधिवक्ताओं ने सीखे तकनीक के गुर

0
36
AI will make legal drafting easier
AI will make legal drafting easier

जयपुर। आधुनिक दौर में वकालत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का सुरक्षित और प्रभावी उपयोग समय की आवश्यकता बन गया है। इससे कानूनी शोध और ड्राफ्टिंग की गुणवत्ता के साथ कार्यक्षमता भी बढ़ाई जा सकती है। यह विचार तकनीक विशेषज्ञ डॉ. आशीष खंडेलवाल ने होटल लॉर्ड्स प्लाजा में आयोजित ‘एआई एंड लीगल ड्राफ्टिंग मास्टरक्लास’ में व्यक्त किए।

विधिक पेशेवरों के लिए आयोजित इस कार्यशाला में पूर्व पंजीकरण के आधार पर 50 अधिवक्ताओं को शामिल किया गया। डॉ. खंडेलवाल ने 20 चरणों के व्यावहारिक प्रशिक्षण और लाइव प्रदर्शन के माध्यम से राजस्थान हाईकोर्ट के लिए रिट याचिका, जमानत आवेदन, अपील और कानूनी नोटिस तैयार करने की तकनीक समझाई। उन्होंने प्रॉम्प्टिंग, केस लॉ की त्वरित मैपिंग तथा पक्षकारों के आंकड़ों की गोपनीयता और साइबर सुरक्षा के उपाय भी बताए। उन्होंने कहा कि एआई अधिवक्ताओं की कानूनी समझ और विवेक का विकल्प नहीं है, बल्कि एक सहायक उपकरण है।

मुख्य अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता एस.सी. गुप्ता ने कहा कि मुकदमों के बढ़ते दबाव के बीच तकनीक शोध और ड्राफ्टिंग में लगने वाले घंटों के काम को कुछ मिनटों में पूरा करने में मददगार हो सकती है। एआई सहायक के रूप में अच्छा है, लेकिन मालिक के रूप में नहीं। विशिष्ट अतिथि राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जयपुर के अध्यक्ष राजीव सोगरवाल ने कहा कि कानूनी अभ्यास को तकनीकी रूप से आधुनिक बनाना समय की जरूरत है। हाईकोर्ट में ड्राफ्टिंग ही किसी मुकदमे की बुनियाद होती है।

कार्यक्रम की शुरुआत अधिवक्ता धर्मेन्द्र जैन ने प्रस्तावना और अतिथियों के स्वागत से की। कार्यशाला में अधिवक्ताओं ने अपने लैपटॉप पर लाइव अभ्यास किया तथा केस रणनीति और एआई के उपयोग से जुड़े सवाल पूछे, जिनका डॉ. खंडेलवाल ने समाधान किया। समापन पर अतिरिक्त राजकीय अधिवक्ता अमित कुमार गुप्ता ने अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here