धार्मिक आस्था को जनसेवा से जोड़ने वाले संत थे महंत अंजन कुमार गोस्वामी

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जयपुर। ठिकाना मंदिर श्री गोविंद देव जी के दिवंगत महंत अंजन कुमार गोस्वामी महाराज ने धार्मिक आस्था को जनसेवा और मानवीय कल्याण से जोड़कर समाज में विशिष्ट पहचान बनाई। वे स्वयं को ठाकुरजी का सेवक और मुनीम मानते थे। मंदिर से मिलने वाले नाममात्र के मानदेय से परिवार का भरण-पोषण करते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं की ओर से अर्पित भेंट राशि का अधिकांश हिस्सा शिक्षा, चिकित्सा, गौसेवा, आपदा राहत और जरूरतमंदों की सहायता में लगाया। उनके मार्गदर्शन में मंदिर की ओर से अनेक जनकल्याणकारी कार्य किए गए।

अस्पतालों को दिए चिकित्सा उपकरण

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 13 जनवरी 2016 को सवाई मानसिंह अस्पताल में पांच अत्याधुनिक वेंटिलेटर उपलब्ध करवाए गए। जेके लोन अस्पताल को 100 मेडिकल बेड, पांच वेंटिलेटर, 100 फोल्डिंग बेड, अटेंडेंट बेंच, बेडसाइड लॉकर, आईवी स्टैंड और तीन पल्स ऑक्सीमीटर दिए। महात्मा गांधी अस्पताल को डीप फ्रीजर, हॉट एयर ओवन, पांच ब्रेस्ट पंपिंग मशीनें और बोतल स्टरलाइजर उपलब्ध करवाए। महिला चिकित्सालय, सांगानेरी गेट में नवजात बच्चियों के लिए करीब पांच हजार बेबी किट वितरित की गईं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में मरीजों और परिजनों के लिए 65×10 फीट का टिन शेड भी बनवाया गया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य जांच शिविरों में भी सहयोग दिया जाता रहा।

विद्यालयों में भवन और विद्यार्थियों को सामग्री

शिक्षा के क्षेत्र में सीतारामपुरी, कामां, देवपुरा और चौमूं के मंडा-भिंडा सहित कई स्थानों पर सरकारी विद्यालयों के भवन निर्माण, जीर्णोद्धार, पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाएं विकसित करवाई गईं। मंडा-भिंडा में आठ कमरे, चार शौचालय, स्टोर, पेयजल टंकी, सरस्वती मंदिर और खेल मैदान से युक्त दो मंजिला विद्यालय भवन बनवाया गया। वर्ष 2019 में 31 विद्यालयों के 5,269 विद्यार्थियों को गणवेश, 12,972 कॉपियां, 1,000 स्कूल बैग, 10,000 पेंसिल, 11,500 रबर और 1,500 शार्पनर वितरित किए गए। सर्दियों में 27 विद्यालयों के 2,510 बच्चों को गर्म कपड़े दिए गए। वहीं, 19 विद्यालयों के 12,400 बच्चों को ‘गुड टच-बैड टच’ जागरूकता कार्यक्रम के तहत सुरक्षित स्पर्श और आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिलाया गया।

कोरोना काल में रोज बांटे एक हजार भोजन पैकेट

मंदिर का अन्नक्षेत्र जरूरतमंदों के लिए हमेशा खुला रहा। वर्ष 2014 से सर्दियों में अस्थायी रैन बसेरों का संचालन कर भोजन की व्यवस्था की जाती रही। कोविड महामारी के दौरान 18 मार्च से 30 जून 2020 तक प्रतिदिन एक हजार भोजन पैकेट वितरित किए गए। मंदिर में श्रद्धालुओं को नि:शुल्क प्रसाद उपलब्ध कराने के साथ प्रयागराज महाकुंभ में गोविंदधाम अन्नक्षेत्र भी संचालित किया गया, जहां लाखों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

पुलवामा आतंकी हमले में शहीद सीआरपीएफ जवान रोहिताश लांबा के परिवार को एक लाख 11 हजार रुपए की सहायता दी गई। मुख्यमंत्री सहायता कोष में मंदिर की ओर से 38 लाख 80 हजार 851 रुपए का सहयोग दिया गया। वर्ष 2014 से जयपुर में नि:शुल्क मोक्ष वाहिनी सेवा भी संचालित है, जिसके माध्यम से पार्थिव शरीर को अस्पताल या घर से श्मशान घाट तक पहुंचाया जाता है।

गौसेवा से लेकर सामूहिक विवाह तक आयोजन

भरतपुर के कामां स्थित मंदिर श्री गोविंद देव जी (वृंदारानी) परिसर में गौशाला संचालित है। यहां गौसेवा के साथ स्थानीय बच्चों को सुबह-शाम नि:शुल्क दूध उपलब्ध कराया जाता है। सामाजिक समरसता के लिए वर्ष 2019 में तीन जोड़ों का सामूहिक विवाह, 65 बच्चों का सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार और 3,100 वैदिक ब्राह्मणों को वस्त्र वितरण किया गया। धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों के लिए मंदिर का सत्संग भवन भी नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाता रहा।

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