जयपुर। जमीन या मकान खरीदना किसी भी व्यक्ति के जीवन का एक सबसे बड़ा निवेश होता है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही जीवनभर की कमाई को जोखिम में डाल सकती है। फर्जी दस्तावेज, विवादित जमीन, अवैध कॉलोनियां और एक ही संपत्ति की कई लोगों को रजिस्ट्री जैसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इन समस्याओं को देखते हुए राजस्थान पीपीजेएमएस ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. जी.एल. यादव प्रॉपर्टी पीड़ितों को न्याय दिलाने और विवादों के समाधान की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
डॉ. यादव की आमजन से अपील है कि वो किसी भी प्रकार की जमीन, कृषि भूमि, प्लॉट या मकान खरीदने से पहले उसके मूल दस्तावेजों और मालिकाना हक की पूरी जांच अवश्य करें। जमाबंदी, खसरा, गिरदावरी सहित राजस्व रिकॉर्ड की पड़ताल करने के साथ संबंधित पटवारी, तहसील कार्यालय, जेडीए एवं नगर निगम से भूमि की वैधानिक स्थिति की पुष्टि करना जरूरी है। इसके अलावा संपत्ति पर किसी प्रकार का विवाद, बैंक लोन या कब्जे से जुड़ी समस्या तो नहीं है, इसकी भी जानकारी लेनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रॉपर्टी संबंधी धोखाधड़ी से बचने का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता और दस्तावेजों की सही जांच है। संस्था अब तक 100 से अधिक मामलों के समाधान में सहयोग कर चुकी है। इसका उद्देश्य आमजन को उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराना और संपत्ति विवादों के निस्तारण में मध्यस्थता के माध्यम से सहायता करना है। संपत्ति में निवेश करने से पहले जल्दबाजी के बजाय पूरी जांच-पड़ताल करें। पहले जांच, फिर विश्वास और उसके बाद ही निवेश का निर्णय लें।

















