जयपुर। दीपावली की तैयारियों के बीच रूप चतुर्दशी पर शहर के ब्यूटी पार्लरों और सैलून में खास रौनक रही। कई दिनों से घरों की साफ-सफाई और सजावट में जुटी महिलाओं ने त्योहार पर खुद को संवारने के लिए भी समय निकाला। कोई चेहरे की थकान दूर करने के लिए हाइड्रा और ऑक्सी फेशियल कराता नजर आया, तो कोई हेयर कलरिंग, हाइलाइट्स और हेयर स्पा के जरिए नया लुक पाने पहुंचा। खास बात यह रही कि महिलाओं के साथ पुरुषों में भी सजने-संवरने और बेहतर लुक पाने का उत्साह दिखाई दिया।
घर की डीप क्लीनिंग के बाद चेहरे की सफाई और निखार के लिए आधुनिक त्वचा उपचार पसंद किए गए। पारंपरिक फेशियल के साथ हाइड्रा फेशियल, ऑक्सी फेशियल, हर्बल फेशियल और स्किन पॉलिशिंग की मांग रही। सैलून संचालक हेमलता शर्मा ने बताया कि ऑक्सी फेशियल के जरिए मृत त्वचा हटाकर चेहरे को ताजगी भरा लुक देने पर जोर रहा। वहीं हाइड्रा फेशियल में त्वचा की गहराई से सफाई और नमी बनाए रखने पर ध्यान दिया गया।
हेयर कलरिंग और नए लुक का क्रेज
इस बार महिलाओं में हेयर कलरिंग, हाइलाइट्स और ओम्ब्रे कलर का आकर्षण देखने को मिला। बालों को मुलायम और चमकदार बनाने के लिए केराटिन और हेयर बोटॉक्स उपचार भी पसंद किए गए। हेयर स्पा के जरिए बालों को पोषण देने के लिए भी बड़ी संख्या में महिलाएं सैलून पहुंचीं।
पुरुषों ने भी कराई फेशियल और बियर्ड सेटिंग
त्योहार पर तैयार होने में पुरुष भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने हेयरकट, बियर्ड सेटिंग, फेशियल, त्वचा की सफाई और हेयर स्पा जैसी सेवाएं लीं। कुछ युवाओं ने बालों में नए रंग और चलन में चल रहे शेड्स भी आजमाए। जयपुर निवासी राघव ने बताया कि घर और कार्यालय की जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने खुद के लिए समय निकाला, ताकि त्योहार पर तरोताजा लुक के साथ खुशियां मना सकें।
देसी उत्पादों के साथ विदेशी स्टाइल की पसंद
ब्यूटी विशेषज्ञ वंदना गौड ने बताया कि महिलाएं त्वचा की देखभाल के लिए जैविक उत्पादों को प्राथमिकता दे रही हैं। हल्दी, चंदन, केसर, गुलाब की पंखुड़ियों और दूध से तैयार प्राकृतिक पैक तथा उबटन की मांग रही। महिलाएं देसी उत्पादों से त्वचा का निखार पाने के साथ हेयर स्टाइलिंग में अंतरराष्ट्रीय रुझानों को भी पसंद किया।
परंपरा के साथ जुड़ा है रूप चतुर्दशी का शृंगार
पौराणिक मान्यता के अनुसार रूप चतुर्दशी के दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध कर उसकी कैद से 16 हजार महिलाओं को मुक्त कराया था। इस दिन महिलाएं उबटन लगाकर स्नान करती हैं और सौंदर्य एवं आरोग्य की कामना करती हैं। जयपुर निवासी गोल्डी ने बताया कि हल्दी-केसर का उबटन लगाना केवल सौंदर्य निखारने का तरीका नहीं, बल्कि परंपरा और आध्यात्मिक शुद्धि से जुड़ने का अवसर भी है।
शहर के सैलूनों ने रूप चतुर्दशी और दीपावली के लिए विशेष पैकेज भी तैयार किए थे। इनमें हर्बल फेशियल, जैविक त्वचा देखभाल, बॉडी पॉलिशिंग, हेयर कलरिंग, रूट टचअप और हेयर स्पा शामिल रहे। पुरुषों के लिए हेयरकट, बियर्ड ग्रूमिंग और त्वचा की देखभाल के पैकेज भी उपलब्ध रहे। मैनीक्योर और पेडीक्योर के जरिए लोगों ने संपूर्ण सौंदर्य निखारने पर ध्यान दिया।
इस तरह दीपावली की तैयारियों में घर की सजावट के साथ खुद को संवारना भी शामिल रहा। देसी सौंदर्य परंपराओं और आधुनिक फैशन का मेल रूप चतुर्दशी पर शहर के ब्यूटी बाजार में साफ नजर आया।

















