जयपुर। वैशाली नगर स्थित स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर में रूप चौदस एवं छोटी दीपावली का पर्व श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर वीर हनुमान जी का विधिवत पूजन किया गया। कार्यक्रम में मंदिर के संतों, हरिभक्तों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ वेदोक्त मंत्रों के उच्चारण के साथ वीर हनुमान जी के पूजन से हुआ। इसके बाद युवाओं ने हनुमानजी के समक्ष युवा सभा का आयोजन किया और सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ कर अपनी श्रद्धा अर्पित की।
नरकासुर की कथा से समझाया पर्व का मर्म
मंदिर के कोठारी संत जयतीर्थ स्वामी ने रूप चौदस एवं छोटी दीपावली के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने वीर हनुमानजी की महिमा, उनकी अतुलनीय भक्ति, सेवाभाव, समर्पण और प्रभु के प्रति अनन्य निष्ठा के बारे में बताया। नरकासुर की कथा के माध्यम से उन्होंने समझाया कि यह पर्व बुराइयों और नकारात्मकता का त्याग कर जीवन में सद्गुण, पवित्रता और प्रकाश अपनाने की प्रेरणा देता है।
संतों के मार्गदर्शन से हरिभक्तों और युवाओं ने पर्व के वास्तविक मर्म को समझा। युवाओं ने हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ के साथ सेवा, समर्पण, साहस और प्रभु भक्ति जैसे गुणों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
रोशनी से सजा अक्षरधाम मंदिर
पर्व के अवसर पर मंदिर को आकर्षक रोशनी और पारंपरिक सजावट से सजाया गया। रंग-बिरंगी रोशनी, कलात्मक दीपकों, झालरों और सुंदर तोरणों से सुसज्जित मंदिर का दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। पूरा परिसर दीपों और रोशनी से जगमगाता नजर आया।
8 नवंबर को महाआरती, 10 को अन्नकूट महोत्सव
मंदिर में दीपोत्सव की श्रृंखला के तहत 8 नवंबर को शाम 6:30 बजे दीपावली की महाआरती और दीपोत्सव का आयोजन होगा। वहीं, 10 नवंबर को अन्नकूट महोत्सव मनाया जाएगा। अन्नकूट की आकर्षक झांकी के दर्शन दोपहर 12 बजे से श्रद्धालु कर सकेंगे।

















