जयपुर। श्री वृंदावन में विवाह के बाद श्री राधा गिरधर लाल के जयपुर आगमन पर रविवार को भव्य शोभायात्रा निकाली गई। श्री गोविंद देवजी मंदिर के पास जलेब चौक से श्री शुक संप्रदाय पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण महाराज के सान्निध्य में गाजे-बाजे और लवाजमे के साथ शोभायात्रा रवाना हुई।
प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय सहित संत-महंतों ने गिरधर लाल जी को रथ में विराजमान कराया। शोभायात्रा चांदी की टकसाल और सुभाष चौक होते हुए पानो का दरीबा स्थित श्री सरस निकुंज पहुंची। बग्गियों में संत-महंत भी यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान पारंपरिक पदों का गायन किया गया।
श्री सरस परिकर पहुंचने पर भक्तों ने ठाकुर जी का भव्य स्वागत किया और महाआरती कर अगवानी की। मंदिर प्रवक्ता प्रवीण बड़े भैया ने बताया कि राधा गिरधर जी की पदरावली का भाव वृंदावन से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि किशोरी जी की चुनरी यहां से वृंदावन गई थी और अब ठाकुर जी जवाई-पावने के रूप में जयपुर पधारे हैं।
उन्होंने कहा कि गोविंद की नगरी जयपुर में भक्तों के भाव और श्रद्धा के साथ इस उत्सव को मनाया जाता है। ठाकुर जी के जवाई रूप में आगमन पर सरस परिकर में स्वागत-सत्कार किया गया।



















