श्री सरस निकुंज में आचार्य शुकदेव जी महाराज का जयंती महोत्सव सम्पन्न

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Acharya Shukdev Ji Maharaj's Birth Anniversary Celebration Concludes at Shri Saras Nikunj.
Acharya Shukdev Ji Maharaj's Birth Anniversary Celebration Concludes at Shri Saras Nikunj.

जयपुर। सुभाष चौक दरीबा पान स्थित आचार्य पीठ श्री सरस निकुंज शुक्रवार को शुक संप्रदाय प्रवर्तक आचार्य शुकदेव जी महाराज के जयंती महोत्सव पर पारंपिरक बधाइयों से गुंजायमान रह।

शुक संप्रदाय पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण महाराज के सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रमों में दोपहर 12 से शाम 6 बजे तक बधाईगान, नृत्य और उछाल की ऐसी त्रिवेणी प्रवाहित हुई कि श्रद्धालु डुबकी लगाते रहे। इस मौके पर सूरत से कमल और सूरजमुखी के पुष्पों से ठाकुर जी का मनोरम श्रृंगार किया गया। मोगरे के धवल पुष्पों की कलियों से श्री सरस निकुंज ईत्र की मंडी का महक रहा था।

श्री सरस परिकर के प्रवक्ता प्रवीण बड़े भैया ने बताया कि पुष्प-पल्लव और रंगीन बांदरवाल से सजे श्री सरस निकुंज में गिरधारी, आनंद पुरोहित, रौनक मोदी, विपुल माथुर, हितेश माथुर, श्री वृंदावन के राधा शरण सहित अन्य वैष्णजनों ने बधाइयों की ऐसी तान छेड़ी कि श्रोता भक्ति के सागर में डुबकी लगाते ही रहे। श्री शुक संप्रदाय के आचार्यों द्वारा रचित पदावलियों का जादू सबके सिर चढक़र बोला।

तबले पर उदयशंकर, नगाड़ा पर गोपाल राव ने भजनों के दौरान संगत की। श्री शुक संप्रदाय पीठाधीश्वर अलबेली माधुरी शरण महाराज ने बधाइयों पर फल, खिलौने, कपड़े, चॉकलेट, बिस्किट सहित अन्य सामग्री की जमकर उछाल की। उछाल लूट कर श्रद्धालु धन्य हो गए।

इस मौके पर वैष्णव जनों ने सखी री धन्य दिन है आज…, सुहाई सखी सुंदर आज बधाई…, बजत बधाइयां हो श्री वेदव्यास के दरबार…, सलोना शुक वेदव्यास लाला…., देख सखी शुकदेव महामुनि…, प्रकट हुआ है परम मनोहर…, आज भलो दिन धन्य घरी…, बधाई बाजे रंग भरी आज श्री वेदव्यास दरबार…, क्या मनोहर मूरती मुनिराज…, थारां श्याम वरन पर वारी….जैसी सरस बधाइयां गाईं। बधाइयों से पूर्व गुरुवंदना के पदों का गायन किया गया।

18-19 अप्रेल को शाम सात से रात्रि नौ बजे तक उत्सव समाज बधाई गायन और वाणी पाठ होगा। मंगल महोत्सव की विशेष बात यह रही कि ललाट पर चंदन का तिलक, गले में तुलसी की माला धारण किए बड़ी संख्या में युवा भक्ति भाव से भजन गुनगुनाते नजर आए। कई युवाओं ने भजनों और वाद्य यंत्रों पर भी साथ दिया।

रात्रि 8 बजे से अगले दिन प्रात: 5 बजे तक महोत्सव समाज, वाणी पाठ, बधाईगायन, नृत्य एवं आचार्य विनय के विविध आयोजन संपन्न हुए। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और भक्तिभाव के साथ भाग लिया।

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