गोपीनाथजी को अर्पित किया 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग: विशेष घड़ी रही आकर्षण का केंद्र

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जयपुर। श्री गोपीनाथजी मंदिर में आचार्य लवभूषण के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में छप्पन भोग महोत्सव श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ आयोजित किया गया। इस दौरान ठाकुरजी को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। विशेष पूजा-अर्चना और जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। महोत्सव का प्रमुख आकर्षण ठाकुर जी को अर्पित की गई विशेष घड़ी रही।

आयोजक आचार्य लवभूषण एवं फैशन डिजाइनर श्रीपा हंसा राठौड़ ने बताया कि महोत्सव का आयोजन सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक किया गया। इस दौरान भगवान श्री गोपीनाथजी की आराधना कर सभी के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की गई।

नब्ज की गति से चलने वाली घड़ी की परंपरा से प्रेरित होकर भेंट की घड़ी

महोत्सव में ठाकुरजी को अर्पित की गई विशेष घड़ी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। श्रीपा हंसा राठौड़ ने बताया कि वर्षों पहले एक अंग्रेज ने भगवान श्री गोपीनाथजी को एक विशेष घड़ी भेंट की थी। बताया जाता है कि यह घड़ी नब्ज की गति से संचालित होती है। इसी परंपरा से प्रेरित होकर उन्होंने भी छप्पन भोग महोत्सव में ठाकुरजी को घड़ी अर्पित करने का संकल्प लिया और श्रद्धा पूर्वक यह भेंट समर्पित की।

56 पान, प्रसाद की पोटलियां और टोकरियां भी अर्पित

छप्पन भोग की तैयारियों में भी विशेष विविधता देखने को मिली। ठाकुरजी को 56 प्रकार के व्यंजनों के साथ 56 प्रकार के पान अर्पित किए गए। माखन, मिश्री और केसर से सजी हांडियां व मटकियां सजाई गईं। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के प्रसाद से भरी 56 पोटलियां और 56 टोकरियां भी अर्पित की गईं।

मुकेश अरोड़ा ने बताया कि इस अवसर पर ठाकुरजी को पांच विशेष पगड़ियां धारण कराई गई, जिनमें विदेश से मंगाई गई एक पगड़ी भी शामिल थी। भगवान के भोग ग्रहण करने के लिए पारंपरिक बाजोट यानी आसन सजाया गया। माखन के भोग के लिए बड़ी हांडी भी रखी गई। पूरे आयोजन में ठाकुरजी के श्रृंगार, भोग और पूजा की व्यवस्थाएं विशेष श्रद्धा के साथ की गईं।

सनातन संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देना उद्देश्य

कार्यक्रम की संयोजक श्रीपा हंसा राठौड़ ने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों को बढ़ावा देना है। ऐसे आयोजन समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और एकता का संदेश देते हैं। आचार्य लवभूषण ने कहा कि भगवान के प्रति सच्ची श्रद्धा और समर्पण जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। उन्होंने अपने जन्मदिवस पर आयोजित महोत्सव भगवान श्री गोपीनाथजी के श्री चरणों में समर्पित किया।

महोत्सव के समापन पर आयोजकों ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले श्रद्धालुओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। भगवान श्री गोपीनाथजी के जयकारों और भक्तिमय वातावरण के बीच छप्पन भोग महोत्सव संपन्न हुआ।

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