जयपुर। दशहरा और दीपावली की छुट्टियों के साथ घरेलू पर्यटन का प्रमुख सीजन शुरू होने वाला है। इसे देखते हुए केरल टूरिज्म ने उत्तरी राज्यों में पार्टनरशिप मीट और रोड शो के जरिए प्री-सीजन अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य केरल को एक प्रमुख एक्सपेरिएंशियल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में पेश करना और यात्रियों के लिए आकर्षक हॉलिडे पैकेज उपलब्ध कराना है।
इस अभियान के तहत गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली और राजस्थान में बी2बी पार्टनरशिप मीट आयोजित की गईं। राजस्थान की मीट में केरल के करीब 45 पर्यटन हितधारकों ने हिस्सा लिया और स्थानीय ट्रैवल ट्रेड प्रतिनिधियों के साथ आकर्षक डील और हॉलिडे पैकेज साझा किए।
इन पैकेजों में छह रात और सात दिन के सफर के दौरान केरल के अलग-अलग अनुभव शामिल हैं। इनमें खूबसूरत समुद्र तट, शांत बैकवाटर, हिल स्टेशन और जंगलों के साथ राज्य के प्राकृतिक नजारों का आनंद लिया जा सकता है।
टूरिज्म के नए आंकड़ों के मुताबिक, केरल में हर मौसम में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। वर्ष 2026 की पहली तिमाही में वर्ष 2025 की पहली तिमाही की तुलना में घरेलू पर्यटकों के आगमन में 10.98% की वृद्धि दर्ज की गई है।
पर्यटन मंत्री पी. सी. विष्णुनाथ ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केरल को एक प्रमुख एक्सपेरिएंशियल टूरिज्म हब के रूप में स्थापित करना और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के हॉलिडे एक्सपीरियंस को बेहतर बनाना है। उन्होंने यह बात राज्य सरकार के पर्यटन क्षेत्र को जल्द ‘उद्योग’ का दर्जा देने के फैसले के संदर्भ में कही। इससे पर्यटन क्षेत्र के हितधारकों को अपने पैकेज नए तरीके से तैयार करने के अधिक अवसर मिलेंगे।
विष्णुनाथ ने आगे कहा, “इस अभियान का फोकस सितंबर से नवंबर के दौरान राज्य में घरेलू पर्यटकों की संख्या बढ़ाने पर है, जब दशहरा और दीपावली की छुट्टियां होती हैं। संस्कृति, विरासत और धार्मिक स्थलों से लेकर शांत समुद्र तटों, वन्यजीव अभयारण्यों और स्वादिष्ट खान-पान तक, केरल पर्यटकों को एक यादगार और अलग अनुभव देने का वादा करता है।”
केरल टूरिज्म ने 6 अक्टूबर 2026 को वायनाड के वैथिरी में ‘ब्रांड वायनाड’ पहल की शुरुआत की। इसका उद्देश्य क्षेत्र की प्राकृतिक खूबसूरती, कृषि और विरासत से जुड़े आकर्षणों तथा सांस्कृतिक परंपराओं को भारत और विदेशों के पर्यटकों तक पहुंचाना है। इस मौके पर पर्यटन मंत्री ने रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म मिशन के नए ‘लाइफ एक्सपीरियंस ट्रेल्स’ और एक गाइडेड ट्रैवल प्रोग्राम भी लॉन्च किया, जिसमें थिरुनेल्ली सर्किट, चेकाडी फार्म का दौरा और कॉफी एक्सपीरियंस शामिल हैं।
इस पहल के तहत वायनाड को सुरक्षित और टिकाऊ वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म उपायों और होमस्टे के नवीनीकरण पर जोर दिया जाएगा। श्री विष्णुनाथ ने बताया कि वायनाड की कॉफी, मसाले, पारंपरिक चावल की किस्में और शहद के साथ स्थानीय खान-पान, कृषि जीवन, जनजातीय
विरासत और ग्रामीण अनुभवों को पर्यटन से जोड़ा जाएगा।
जनजातीय विरासत के संरक्षण के तहत वायनाड स्थित ‘एन ऊरू’ हेरिटेज विलेज का विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा, एक ट्राइबल यूनिवर्सिटी और हेरिटेज नॉलेज जोन भी स्थापित किया जाएगा।
पिछले महीने अहमदाबाद और वडोदरा, इस महीने की शुरुआत में मुंबई और पुणे, और इस हफ्ते की शुरुआत में दिल्ली में आयोजित बी2बी मीट से जो तेजी आई है, उसे आगे भी जारी रखा जाएगा। इसके तहत ट्रैवेल ट्रेड नेटवर्किंग गतिविधियों की एक श्रृंखला शुरू की जाएगी, जिसमें केरल के नए पर्यटन उत्पादों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए ट्रैवेल ट्रेड मेलों में भाग लेना और बी2बी रोड शो आयोजित करना शामिल है। प्रचार अभियान के लिए टीवी, सोशल मीडिया, प्रिंट और रेडियो जैसे मीडिया प्लेटफॉर्म का भी उपयोग किया जा रहा है।
अहमदाबाद, वडोदरा, मुंबई, पुणे, दिल्ली और जयपुर के अलावा नवंबर महीने के दौरान सूरत और नागपुर में भी बी2बी मीट आयोजित की जाएंगी।
यह अभियान ऐसे समय में शुरू किया जा रहा है, जब केरल को वैश्विक स्तर पर भी प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में पहचान मिल रही है। लंदन स्थित रफ गाइड्स की हालिया रिपोर्ट में केरल को 2026 में घूमने के लिए दुनिया के शीर्ष 26 डेस्टिनेशन में शामिल किया गया है। रिपोर्ट में ‘गॉड्स ओन कंट्री’ को इस साल के सबसे पसंदीदा स्थानों में से एक बताया गया है।
प्रसिद्ध वैश्विक यात्रा गाइड ‘लोनली प्लैनेट’ ने अपनी ‘2026 के 25 सबसे बेहतरीन अनुभव’ रिपोर्ट में केरल की खान-पान संस्कृति को 2026 में आनंद लेने योग्य शीर्ष 25 यात्रा अनुभवों में शामिल किया है। इस प्रतिष्ठित सूची में जगह बनाने वाला केरल एकमात्र भारतीय राज्य है।
राजस्थान और केरल के बीच बेहतर रेल और हवाई कनेक्टिविटी को देखते हुए यहां आयोजित बी2बी मीट खास महत्व रखती हैं। केरल के प्रमुख हवाई अड्डों—कोच्चि, तिरुवनंतपुरम, कोझीकोड और कन्नूर—से
बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई और दिल्ली के रास्ते कई वन-स्टॉप उड़ानें उपलब्ध हैं। इसके अलावा, सुविधाजनक रेल संपर्क भी मौजूद है। ये कनेक्टिविटी विकल्प राजस्थान से पर्यटकों, बिजनेस ट्रैवलर्स और अन्य यात्रियों के लिए केरल पहुंचना आसान बनाते हैं।



















