जयपुर। जयपुर सेंट्रल जेल में बुधवार सुबह एक विचाराधीन कैदी ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। कैदी ने अपने जूतों की लैस और खाली तेल की पीपी का इस्तेमाल कर फंदा बनाया और बैरक के पास स्टोर के रोशनदान की लोहे की सरियों से लटक गया। घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना पर लालकोठी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
लालकोठी थाना प्रभारी और एसआई श्याम सुंदर के अनुसार मृतक की पहचान मनीष रैगर (22) निवासी चाकसू वार्ड नंबर-2 के रूप में हुई है। मनीष जेल की बैरक नंबर-3 में बंद था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उसने अपने दोनों जूतों की लैस का इस्तेमाल फंदा बनाने में किया। पुलिस के अनुसार उसने एक खाली तेल की पीपी में मिट्टी भरकर रखी थी। पीपी के एक हिस्से को गले में फंदे के रूप में लगाया गया, जबकि दूसरे हिस्से को पीपी से बांधकर रोशनदान की लोहे की सरियों में फंसा दिया गया।
बैरक में मौजूद अन्य कैदियों और जेल प्रशासन की नजर जब मनीष पर पड़ी तो उसे तत्काल नीचे उतारा गया। इसके बाद उसे चिकित्सकों के पास ले जाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना लालकोठी थाना पुलिस को दी गई।
पुलिस के अनुसार मनीष मई 2026 से पोक्सो एक्ट के मामले में विचाराधीन कैदी के रूप में जयपुर जिला जेल में बंद था। वह मामले में अभी विचाराधीन था और उसे सजा नहीं हुई थी। पुलिस अब जेल में उसके व्यवहार, हाल की गतिविधियों और घटना से पहले की परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है।
घटना की सूचना मिलने पर एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। मामले में मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। परिजनों के पहुंचने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के बाद ही मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मनीष ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया और घटना से पहले उसकी मानसिक स्थिति एवं अन्य गतिविधियां कैसी थीं।



















