जयपुर। राजस्थान को नशामुक्त बनाने के अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने गठन के महज 10 महीनों (करीब 300 दिन) में 700 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ जब्त कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। पुलिस महानिरीक्षक (एएनटीएफ) विकास कुमार ने बताया कि महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के मार्गदर्शन और अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एम.एन. के निर्देशन में मुख्यालय और 18 चौकियों के माध्यम से लगातार कार्रवाई की जा रही है।
आईजी ने बताया कि पिछले वर्ष पूरे राज्य में एनडीपीएस एक्ट के तहत करीब 850 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ जब्त किए गए थे, जबकि इस वर्ष एएनटीएफ के अभियान से यह आंकड़ा एक हजार करोड़ रुपये के पार पहुंचने की ओर अग्रसर है।
एएनटीएफ ने अब तक 360 किलोग्राम से अधिक अफीम, 185 किलोग्राम एमडी (मेफेड्रोन) जब्त की है तथा राज्य में संचालित 34 अवैध एमडी फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया है। जोधपुर ग्रामीण के बालेसर में ‘ऑपरेशन विषघ्राण’ के तहत पुलिस मुठभेड़ के बाद एमडी फैक्ट्री का पर्दाफाश किया गया, जबकि ‘ऑपरेशन विषाणुबाहु’ के तहत एमडी कारोबार के मुख्य सरगना को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया।
अवैध खेती के खिलाफ अभियान में उदयपुर सहित विभिन्न जिलों में 300 बीघा अफीम और 50 बीघा गांजे की फसल नष्ट की गई। इसके अलावा राजसमंद, बालोतरा, झालावाड़, भीलवाड़ा, बीकानेर, भरतपुर, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, झुंझुनूं, करौली और जयपुर में भी कार्रवाई की गई।
एएनटीएफ ने विभिन्न राज्यों में अभियान चलाकर 84 इनामी तस्करों और मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है, जिन पर कुल 22 लाख रुपये से अधिक का इनाम घोषित था। इनकी गिरफ्तारी के लिए मध्य प्रदेश, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, केरल और तेलंगाना की पुलिस के साथ-साथ एनसीबी और सीबीएन का सहयोग लिया गया।
आईजी विकास कुमार ने बताया कि वर्ष 2029 तक राजस्थान को पूर्णतः नशामुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।


















