नई दिल्ली। दिल्लीवासियों को मंगलवार को बारापुला कॉरिडोर फेज-3 की सौगात मिलने जा रही है। करीब 10 किलोमीटर लंबे इस सिग्नल फ्री कॉरिडोर के शुरू होने से दक्षिण दिल्ली और आसपास के इलाकों में आवागमन आसान होने की उम्मीद है। इस मार्ग के चालू होने से यात्रियों को कई प्रमुख चौराहों पर लगने वाले जाम और लाल बत्ती के कारण होने वाली देरी से राहत मिलेगी।
बारापुला फेज-3 कॉरिडोर को इस तरह विकसित किया गया है कि वाहनों को लगातार और निर्बाध आवाजाही मिल सके। इससे यात्रा के समय में करीब 20 से 25 मिनट तक की बचत होने का अनुमान है। खास तौर पर पीक आवर्स में इस मार्ग का फायदा अधिक मिलने की उम्मीद है।
जाम के साथ प्रदूषण भी घटेगा
कॉरिडोर के शुरू होने से वाहनों को बार-बार रुकने और दोबारा गति पकड़ने की जरूरत कम होगी। इससे ईंधन की खपत के साथ वाहनों से निकलने वाले धुएं में भी कमी आने की उम्मीद है। दिल्ली जैसे प्रदूषण प्रभावित महानगर में सिग्नल फ्री यातायात व्यवस्था को प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कई इलाकों को मिलेगा फायदा
फेज-3 कॉरिडोर के संचालन से दक्षिण दिल्ली और इससे जुड़े प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम होने की संभावना है। प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को जाम में कम समय बिताना पड़ेगा। इससे कार्यालय जाने वाले लोगों, सार्वजनिक परिवहन और अन्य दैनिक यात्रियों को भी राहत मिल सकती है।
सिग्नल फ्री सफर से बढ़ेगी रफ्तार
अभी कई स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल और भारी यातायात के कारण कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में भी काफी समय लग जाता है। नए कॉरिडोर से वाहनों को अपेक्षाकृत निर्बाध मार्ग मिलने पर यात्रा की गति बढ़ेगी। सरकार और संबंधित एजेंसियों को उम्मीद है कि परियोजना के संचालन के बाद यातायात प्रबंधन में भी सुधार आएगा।
बारापुला फेज-3 के शुरू होने के साथ दिल्ली के सड़क ढांचे में एक और महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ जाएगी। हालांकि, कॉरिडोर पर यातायात का वास्तविक असर इसके नियमित संचालन और वाहनों के दबाव के बाद ही स्पष्ट होगा।



















