जयपुर। विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 35 दिनों से आंदोलनरत संविदा नर्सिंग कर्मियों ने शुक्रवार को सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के गेट नंबर-3 पर क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। इससे पहले आंदोलनकारी नर्सिंगकर्मियों ने राज्यपाल से इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की मांग भी की थी। उनका कहना है कि जब तक मांगों का समाधान नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा।
संयुक्त नर्सेज संघर्ष समिति के नेतृत्व में शुरू हुए क्रमिक अनशन के पहले दिन के.के. यादव, शबाना बानो, आशीष शर्मा, अशोक यादव और विशाल भारद्वाज अनशन पर बैठे।
समिति के प्रांतीय संयोजक नरेंद्र सिंह शेखावत, राजेंद्र राणा, चंद्रकांत शर्मा, पवन मीणा, विनीता शेखावत, हरि सिंह भाटी और महिपाल सामोता ने कहा कि 12 जून को सरकार के साथ हुए समझौते के बावजूद अब तक मांगों को लागू नहीं किया गया है। उन्होंने स्वर्गीय दीपक के आश्रितों को सरकारी सहायता, नियम विरुद्ध हटाए गए करीब 2200 संविदा नर्सिंग कर्मियों की सेवा बहाली और अन्य लंबित मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की।
समिति का आरोप है कि कोरोना महामारी सहित कठिन परिस्थितियों में सेवाएं देने वाले नर्सिंगकर्मियों को आज अपने रोजगार और न्याय के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि पिछले एक महीने से अधिक समय से हजारों नर्सिंगकर्मियों के परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
आंदोलनकारियों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी अप्रिय स्थिति की जिम्मेदारी सरकार की होगी। आंदोलन को विभिन्न कर्मचारी संगठनों और महासंघों का भी समर्थन मिल रहा है।



















