जयपुर । राजधानी जयपुर की मुरलीपुरा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कूटरचित वसीयतनामा बनाकर करोड़ों रुपए की जमीन हड़पने के मामले में दो साल से फरार चल रहे शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पहचान बदलकर अलग-अलग शहरों में रहकर पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था।
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) प्रशांत किरण ने बताया कि आरोपी मयंक अग्रवाल के खिलाफ परिवादी सज्जन कुमार अग्रवाल ने जुलाई 2024 में मामला दर्ज कराया था। शिकायत में बताया गया कि उनके दिवंगत भाई महेन्द्र कुमार अग्रवाल के नाम से दिल्ली रोड स्थित बिशनगढ़ (आमेर) क्षेत्र की करीब 15 बीघा बेशकीमती जमीन हड़पने के लिए आरोपी ने साजिश रची।
आरोपी ने जाली वसीयतनामा तैयार कर जमीन अपने नाम करवा ली और बाद में इसे जितेन्द्र सैन के नाम गिफ्ट डीड के जरिए स्थानांतरित कर दिया। मामले की जांच में सामने आया कि यह पूरी तरह सुनियोजित जालसाजी थी।
मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था और पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। आरोपी तकनीकी रूप से काफी दक्ष है और पकड़ से बचने के लिए लगातार मोबाइल और सिम बदलता रहा। वह मुंबई, उज्जैन और अन्य शहरों में अपनी पहचान बदलकर रह रहा था।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश गुप्ता के सुपरविजन में गठित टीम ने तकनीकी और पारंपरिक पुलिसिंग के जरिए आरोपी की तलाश जारी रखी। आखिरकार सूचना मिली कि आरोपी चंडीगढ़ में छिपकर ‘रैपिडो’ के जरिए टैक्सी चला रहा है। इस पर पुलिस टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
थानाधिकारी वीरेन्द्र कुरील के नेतृत्व में गठित टीम में हेड कांस्टेबल राजेन्द्र प्रसाद, कांस्टेबल अनिल कुमार, अनिल कुमार (द्वितीय) और राजेश कुमार की अहम भूमिका रही। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है।
पूछताछ के दौरान इस जालसाजी में शामिल अन्य साथियों और इसी तरह के अन्य मामलों का खुलासा होने की संभावना है। पुलिस का मानना है कि रिमांड के दौरान फर्जी दस्तावेज, गिफ्ट डीड और जमीन हड़पने के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है।




















