भौम पुष्य से गणेश जन्मोत्सव तक नहर के गणेशजी मंदिर में होंगे विशेष धार्मिक आयोजन

0
39

जयपुर। माउंट रोड स्थित ब्रह्मपुरी पावर हाउस के पीछे दक्षिणावर्ती सूंड वाले प्राचीन श्री नहर के गणेशजी महाराज मंदिर में भौम पुष्य नक्षत्र और त्रिदिवसीय गणेश जन्मोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

मंदिर महंत पं. जय शर्मा एवं युवाचार्य पं. मानव शर्मा के अनुसार इस दौरान विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन होंगे। गणेश जन्मोत्सव पर भगवान को गोटा-पत्ती श्रृंगार के साथ राजशाही पोशाक, स्वर्ण मंडित मुकुट और आभूषण धारण करवाए जाएंगे। मंदिर परिसर को विद्युत रोशनी और पंचरंगी ध्वजों से सजाया जाएगा।

8 सितंबर को भौम पुष्य पर विशेष आयोजन

युवाचार्य पं. मानव शर्मा ने बताया कि मंगलवार को सुबह 8 बजे से गणपति अथर्वशीर्ष के 101 पाठ होंगे। सुबह 11 बजे ऋग्वेदोक्त गणपति मात्रिका पठन के साथ पंचामृत अभिषेक एवं पूजा-अर्चना होगी। दोपहर 2 से शाम 4 बजे तक भगवान को नवीन पोशाक धारण करवाकर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ 21 मोदकों का भोग लगाया जाएगा और शयन होगा। शाम 7 बजे 251 दीपकों से महाआरती होगी। दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को सुख-समृद्धि एवं विघ्न निवारण के प्रतीक रक्षा सूत्र और पुष्प आशीका प्रदान की जाएगी।

13 सितंबर को सिंजारा और मोदकों की झांकी

रविवार को शाम 5 बजे से विशेष लहरिया पोशाक और साफा धारण करवाकर आरती दर्शन, असंख्य मोदकों की झांकी तथा भक्तों को सिंदूर और मेहंदी का वितरण किया जाएगा। शाम 5:15 बजे मेहंदी पूजन के साथ सिंजारा उत्सव शुरू होगा। शाम 5:30 बजे प्रेम भाया मंडल की ओर से भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। शाम 7 बजे आरती और रात 12 बजे शयन आरती होगी।

14 सितंबर को गणेश जन्मोत्सव

सोमवार को भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी पर सुबह 5 बजे मंगला आरती और 7:30 बजे नियमित आरती होगी। सुबह 9:30 बजे गणपति अष्टोत्तरशतनामावली के वैदिक मंत्रों के साथ दूर्वा समर्पण किया जाएगा। सुबह 11:30 से दोपहर 1 बजे तक गणपति अथर्वशीर्ष और ऋग्वेदोक्त गणपति मात्रिका के पाठ के साथ पंचामृत अभिषेक एवं महागणपति पूजन होगा। दोपहर 1:30 बजे चूरमा लड्डू का भोग लगाकर शयन कराया जाएगा। शाम 7 बजे महाआरती के बाद आतिशबाजी और बैंड वादन होगा। रात 12 बजे शयन आरती के साथ आयोजन का समापन होगा।

15 सितंबर को ऋषि पंचमी उत्सव

मंगलवार को सुबह 6 बजे मंगला आरती और 7:30 बजे नियमित आरती से आयोजन शुरू होगा। दोपहर 1:30 से 2 बजे तक भोग एवं शयन होगा। शाम 7:30 बजे आरती के बाद भजन संध्या होगी। अभिजित काल में सप्तऋषियों की पूजा-अर्चना और रक्षा पंचमी के निमित्त राखी बंधन होगा। इसके अलावा पारंपरिक गोपालजी के हेड़े की परिक्रमा भी होगी। बुधवार को गणेश पूजन का दिन होने के संयोग के चलते मंदिर नियमानुसार दर्शनार्थियों के लिए खुला रहेगा।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं

युवाचार्य पं. मानव शर्मा ने बताया कि संभावित भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में पैट्रोन सिक्यूरिटी कंपनी के सुरक्षा गार्ड और स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश, दर्शन और निकास की अलग-अलग कतारें रहेंगी। जूता स्टैंड और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की गई है। मुख्य द्वार के पास सहायता केंद्र बनाया गया है, जहां प्राथमिक उपचार के लिए डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ उपलब्ध रहेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here