मोती डूंगरी गणेश मंदिर में आज से शुरू होगा नौ दिवसीय गणेशोत्सव

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The nine-day Ganeshotsav will begin today at the Moti Dungri Ganesh Temple.
The nine-day Ganeshotsav will begin today at the Moti Dungri Ganesh Temple.

जयपुर। छोटी काशी जयपुर के प्रसिद्ध मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। भगवान गणेश का नौ दिवसीय जन्मोत्सव 7 से 15 सितंबर तक मनाया जाएगा। इस दौरान धार्मिक आयोजनों के साथ विभिन्न झांकियां, पंचामृत अभिषेक, मोदक, फल-सब्जी और फूलों की सजावट, सिंजारा, शास्त्रीय संगीत और कथक नृत्य आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

मंदिर महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि नौ दिनों में प्रतिदिन भगवान गजानन के दरबार का स्वरूप बदला नजर आएगा। उत्सव में करीब 16 हजार किलो सामग्री से तैयार मोदक भगवान को अर्पित किए जाएंगे।

कलश यात्रा से होगी शुरुआत

मंदिर महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि 7 सितंबर को सुबह 9 बजे कलश यात्रा एवं जलाभिषेक के साथ उत्सव का शुभारंभ होगा। 8 सितंबर को पुष्य नक्षत्र के अवसर पर सुबह 8 बजे 348 किलो पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा। इसमें 251 किलो दूध, 50 किलो दही, 25 किलो बूरा, 11 किलो शहद और 11 किलो शुद्ध घी शामिल रहेगा। इसी दिन केले और छप्पन भोग की झांकी सजाई जाएगी तथा शाम 6 बजे ध्रुपद गायन होगा।

3 हजार किलो घी से तैयार होंगे मोदक

9 सितंबर को मोदकों की भव्य झांकी सजाई जाएगी। इसके लिए 3000 किलो शुद्ध घी, 3000 किलो बेसन, 9000 किलो शक्कर और 1000 किलो सूखे मेवों का इस्तेमाल होगा। झांकी में 251-251 किलो के दो विशाल मोदक, 51-51 किलो के पांच, 21-21 किलो के 21 और 1.25 किलो के 1100 मोदक सहित हजारों छोटे मोदक शामिल होंगे। श्रद्धालु सुबह 5 बजे से झांकी के दर्शन कर सकेंगे। शाम 6 बजे सुगम संगीत और कथक नृत्य तथा शाम 7 बजे निशुल्क प्रसाद वितरण होगा।

फल, सब्जी और फूलों की झांकियां

10 सितंबर को फलों, 11 को सब्जियों और 12 सितंबर को फूलों की झांकी सजाई जाएगी। तीनों दिन शाम 6 बजे कथक नृत्य होगा। 8 से 12 सितंबर तक ध्रुपद, सुगम संगीत और कथक कलाकार भगवान गणेश को अपनी प्रस्तुतियां समर्पित करेंगे।

3500 किलो मेहंदी से होगा सिंजारा

13 सितंबर को शाम 6:30 बजे मेहंदी पूजन एवं सिंजारा होगा। इसके लिए सोजत से करीब 3500 किलो मेहंदी मंगाई गई है। रात 7:30 बजे पांच स्थानों से महिलाओं और कन्याओं के लिए मेहंदी प्रसाद वितरित किया जाएगा। इसी दिन भगवान का विशेष शृंगार होगा। वर्ष में विशेष रूप से धारण कराया जाने वाला स्वर्ण मुकुट, विशेष पोशाक और मोती, सोना, पन्ना व माणक से जड़ा नौलखा हार पहनाया जाएगा। यह हार महंत परिवार ने करीब तीन माह में तैयार किया है। भगवान चांदी के सिंहासन पर विराजेंगे।

14 सितंबर को 19 घंटे से अधिक दर्शन

गणेश चतुर्थी पर 14 सितंबर को जन्मोत्सव मनाया जाएगा। सुबह 5 बजे मंगला आरती से रात 11:40 बजे शयन आरती तक दर्शन की व्यवस्था रहेगी। सुबह 11:20 बजे विशेष पूजन, 11:30 बजे शृंगार आरती, दोपहर 2:15 बजे भोग आरती, शाम 7 बजे संध्या आरती होगी। भोग के दौरान दोपहर 1:30 से 2 बजे तक मंदिर के पट मंगल रहेंगे।

72 सीसीटीवी से निगरानी

सुरक्षा के लिए 72 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी रिकॉर्डिंग 30 दिन तक सुरक्षित रहेगी। छह डीएफएमडी और छह एचएसएमडी से सुरक्षा जांच होगी। व्यवस्था में 500 स्वयंसेवक लगाए जाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए छह प्रवेश और आठ निकास लाइनें बनाई गई हैं। एक लाइन पासधारकों के लिए रहेगी। एमडी रोड, जेएलएन मार्ग और तख्तेशाही रोड से प्रवेश की व्यवस्था होगी। बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए 100 ई-रिक्शा तथा श्रद्धालुओं के लिए चार इलेक्ट्रिक लो-फ्लोर बसें उपलब्ध रहेंगी। जेडीए सर्किल से एमडी रोड और भैरव पथ तक बैरिकेडिंग की गई है।

15 सितंबर को नगर भ्रमण

नौ दिवसीय उत्सव का समापन 15 सितंबर को शाम 4 बजे भगवान गणेश की भव्य शोभायात्रा के साथ होगा। शोभायात्रा मोतीडूंगरी मंदिर से रवाना होकर एमडी रोड, जौहरी बाजार, त्रिपोलिया बाजार, गणगौरी बाजार और नाहरगढ़ रोड होते हुए गढ़ गणेश मंदिर पहुंचेगी। इसमें स्वचालित झांकी, स्वरूप झांकी और सर्वसमाज की ओर से प्रस्तुत झांकियां शामिल होंगी। हजारों श्रद्धालुओं के इसमें शामिल होने की संभावना है।

शोभायात्रा के दौरान यातायात डायवर्ट

श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में प्रवेश जेएलएन मार्ग, एमडी रोड और तख्तेशाही रोड से होगा। सुरक्षा व्यवस्था के तहत जेडीए सर्किल, भैरव पथ और रिजर्व बैंक के पास बैरिकेडिंग की जाएगी। 15 सितंबर को शोभायात्रा के दौरान जुलूस के मार्गों पर यातायात डायवर्जन लागू रहेगा। वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना होगा। मंदिर प्रशासन और पुलिस की ओर से श्रद्धालुओं से व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की गई है।

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