गायत्री परिवार का राजस्थान में व्यापक संगठनात्मक अभियान 22 मई से

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Gayatri Pariwar's Extensive Organizational Campaign in Rajasthan to Begin on May 22
Gayatri Pariwar's Extensive Organizational Campaign in Rajasthan to Begin on May 22

जयपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से संस्थापिका माता भगवती देवी शर्मा और अखंड दीप जन्मशताब्दी वर्ष-2026 को जनआंदोलन के रूप में स्थापित करने की दिशा में राजस्थान में एक व्यापक संगठनात्मक अभियान प्रारंभ किया जा रहा है।

इसकी शुरुआत आगामी 22 मई से होगी। शांतिकुंज हरिद्वार स्थित राजस्थान जोन कार्यालय की ओर से इसके लिए विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। 22 से 29 मई तक प्रदेश के विभिन्न उपजोन केन्द्रों पर ‘जन्मशताब्दी अनुयाज समीक्षा गोष्ठियों’ का आयोजन किया जाएगा।

गायत्री परिवार राजस्थान के शांतिकुंज समन्वयक गौरीशंकर सैनी ने बताया कि इन गोष्ठियों का मुख्य उद्देश्य गायत्री परिवार की योजनाओं, संस्कार अभियानों और जागरण कार्यक्रमों को जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से लागू करना है, ताकि आने वाले समय में गायत्री परिवार के विचार, संस्कार और राष्ट्रनिर्माण की चेतना जन-जन तक पहुंच सके।

संकल्पों की लक्ष्य पूर्ति पर रहेगा जोर

गायत्री परिवार राजस्थान के मुख्य ट्रस्टी ओमप्रकाश अग्रवाल ने बताया कि इन समीक्षा गोष्ठियों में उपजोन समन्वयक, जिला समन्वयक, मुख्य ट्रस्टी, विशेषज्ञ कार्यकर्ता एवं विभिन्न प्रकल्पों से जुड़े सक्रिय परिजन भाग लेंगे। गोष्ठियों में जन्मशताब्दी वर्ष के अंतर्गत लिए गए संकल्पों, लक्ष्य पूर्ति की वर्तमान स्थिति तथा आगामी महीनों की कार्ययोजना पर गंभीर मंथन होगा। इसके साथ ही संगठन विस्तार, साधना अभियान, नारी जागरण, युवा जागरण, शिक्षक सम्मेलन, संस्कार अभियान और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच बनाने की योजनाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।

इसी कार्यक्रम श्रृंखला के अंतर्गत उपजोन स्तरीय गोष्ठियों का कार्यक्रम इस प्रकार आयोजित किया जाएगा। 22 मई को राजगढ़ (अलवर उपजोन) स्थित गायत्री शक्तिपीठ (पहली समीक्षा गोष्ठी) का आयोजन किया जाएगा। जिसके पश्चात 23 मई को भरतपुर में, 24 मई को मानसरोवर (जयपुर) स्थित वेदना निवारण केंद्र, 25 मई को झालावाड़, 26 मई को पुष्कर, 27 मई को पिलानी में गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।

सभी कार्यक्रम प्रातः साढ़े 9 बजे से प्रारंभ होंगे। इन गोष्ठियों में जयपुर, अलवर, कोटपुतली, खैरथल, भरतपुर, धौलपुर, डीग, टोंक, सीकर, दौसा, कोटा, बारां, बूंदी, सवाई माधोपुर, अजमेर, ब्यावर, झुंझुनूं, चूरू और बीकानेर सहित अनेक जिलों के प्रमुख कार्यकर्ता सहभागिता करेंगे।

गोष्ठियों में विशेष रूप से यह समीक्षा की जाएगी कि जन्मशताब्दी वर्ष के अंतर्गत निर्धारित संकल्प गांवों, कस्बों और शहरों तक किस स्तर पर पहुंचे हैं तथा किन क्षेत्रों में अभी कार्य विस्तार की आवश्यकता है। अब तक अछूते रहे क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित टीमों का गठन किया जाएगा, ताकि गायत्री परिवार की विचारधारा, युग निर्माण अभियान और भारतीय संस्कृति आधारित जीवनदृष्टि को अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके। बैठकों में तहसील समन्वय समिति के गठन एवं सक्रियता पर भी विशेष जोर रहेगा।

प्रत्येक तहसील में मजबूत संगठनात्मक ढांचा तैयार कर नियमित मासिक गोष्ठियों का आयोजन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही 13 आंदोलनों एवं 79 बिंदुओं से संबंधित त्रैमासिक प्रगति प्रतिवेदन की समीक्षा कर कार्यों की गति तेज करने की रणनीति बनाई जाएगी।

राजस्थान जोन कार्यालय ने सभी जिलों को निर्देशित किया है कि साधना फॉर्म ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से अधिकाधिक संख्या में भरवाए जाएं, ताकि साधकों तक साधना किट समय पर पहुंचाई जा सके। इसके अतिरिक्त मातृशक्ति स्मृति उपवनों का डिजिटल प्रदर्शन, पर्यावरण चेतना अभियान तथा सामाजिक जागरण कार्यक्रमों को भी विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

प्रत्येक जिले से संभावित प्रतिभागियों की संख्या निर्धारित कर संगठनात्मक जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह समीक्षा अभियान केवल औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि समाज में वैचारिक जागरण, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत आधारशिला सिद्ध होगा।

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