गोपुष्टी महायज्ञ व भक्तमाल कथा:ठाकुर जी की लीलाओं और संत सम्मान से गूंजा आयोजन

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Gopushti Mahayajna and Bhaktmal Katha
Gopushti Mahayajna and Bhaktmal Katha

जयपुर। सांगानेर के तिवड़िया बालाजी धाम स्थित हनुमान मंदिर परिसर में श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर बालयोगी बालकृष्ण दास महाराज के सानिध्य में आयोजित गोपुष्टी महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत भक्तमाल कथा का रविवार को विधिवत समापन हो गया। समापन अवसर पर विशाल भंडारे, संत सम्मान और वृंदावन से आए कलाकारों की मनमोहक रासलीला ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में दिनभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तजन शामिल हुए।

कथा प्रवक्ता आचार्य बाल योगी नोमिनाथ दास महाराज ने भक्तमाल कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कंस वध, अध्ययन लीला, विवाह लीला तथा सुदामा चरित्र का विस्तार से वर्णन करते हुए भगवान की भक्ति, मित्रता, करुणा और धर्म की महत्ता पर प्रकाश डाला। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर ठाकुर जी के जयघोष करते रहे।

इस कार्यक्रम में जोई राम सोई राम महाराज के सानिध्य में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं एवं संत-महात्माओं ने प्रसादी ग्रहण की। इस अवसर पर पधारे साधु-संतों का सम्मान भी किया गया तथा उनके आध्यात्मिक योगदान और सनातन संस्कृति के संरक्षण में उनकी भूमिका का उल्लेख किया गया।

सांयकालीन सत्र में वृंदावन से आए कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की मनोहारी रासलीला का भव्य मंचन किया। रासलीला के मनमोहक दृश्य, भक्ति संगीत और आकर्षक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। देर रात तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में उपस्थित रहे और पूरे परिसर में भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का वातावरण बना रहा।

आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक मूल्यों और गौ सेवा के प्रति जन जागरण का सशक्त माध्यम बनते हैं।

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