जयपुर। प्रताप सिंह खाचरियावास ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित नीट परीक्षा को लेकर सामने आए पेपर लीक के आरोपों पर केंद्र और राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि इस मामले ने करोड़ों विद्यार्थियों और उनके परिवारों का परीक्षा प्रणाली से विश्वास हिला दिया है।
खाचरियावास ने कहा कि कभी सरकार के बयान बदल रहे हैं तो कभी गिरफ्तारियों की खबरें सामने आ रही हैं, लेकिन अब तक देश के सामने सच्चाई स्पष्ट नहीं की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पेपर लीक हुआ है तो सरकार इसे स्वीकार क्यों नहीं कर रही और अगर नहीं हुआ तो बार-बार बयान बदलने की जरूरत क्यों पड़ रही है।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य और उनकी मेहनत का सवाल है। लाखों विद्यार्थी दिन-रात मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन जब परीक्षा प्रणाली पर ही सवाल उठने लगें तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।
पूर्व मंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कहानी बदलने, दिखावटी कार्रवाई करने और असली दोषियों को बचाने की कोशिश ज्यादा दिन नहीं चलेगी। देश का युवा जानना चाहता है कि आखिर किसे बचाया जा रहा है और पूरी सच्चाई सामने क्यों नहीं लाई जा रही।
खाचरियावास ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार केंद्र और राज्य दोनों जगह सत्ता में होने के बावजूद शिक्षा व्यवस्था को संभालने में विफल साबित हुई है। सरकार न तो पेपर लीक रोक पाई, न युवाओं का भरोसा बचा पाई और न ही अब तक पूरे मामले की सच्चाई सामने ला सकी।
उन्होंने मांग की कि नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि युवाओं का भरोसा दोबारा कायम हो सके।



















