हार्ट वॉकाथॉन: हृदय स्वास्थ्य का संदेश लेकर सड़कों पर उतरे रनर्स-वॉकर्स

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Heart Walkathon: Runners and walkers took to the streets with a message of heart health.
Heart Walkathon: Runners and walkers took to the streets with a message of heart health.

जयपुर। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को स्वस्थ एवं सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से नारायणा हॉस्पिटल जयपुर की ओर से हार्ट वॉकाथॉन आयोजित किया गया। ‘मेक एवरी चॉइस, ए हार्ट फर्स्ट चॉइस!’ थीम पर आयोजित कार्यक्रम में फिटनेस प्रेमियों, रनर्स और वॉकर्स ने उत्साह के साथ भाग लिया। पिकसिटी रनर्स और बॉक्स एफएम इस पहल से एसोसिएट्स के रूप में जुड़े।

इस कार्यक्रम की शुरुआत नारायणा हॉस्पिटल प्रताप नगर से हुई। वॉकाथॉन से पहले प्रतिभागियों के लिए जुम्बा सेशन आयोजित किया गया, जिसके जरिए शारीरिक सक्रियता और फिटनेस का संदेश दिया गया। इसके साथ ही प्रतिभागियों को बीएलएस (बेसिक लाइफ सपोर्ट) और सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान कार्डियक इमरजेंसी की स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया देने और जीवन बचाने वाली तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद प्रतिभागियों ने हार्ट वॉकाथॉन में हिस्सा लिया।

नारायणा हॉस्पिटल जयपुर के डायरेक्टर कार्डियोलॉजी डॉ. देवेंद्र श्रीमाल और डायरेक्टर कार्डियक सर्जरी डॉ. सौरभ जायसवाल ने कहा कि हृदय रोगों से बचाव के लिए रोकथाम के साथ समय पर पहचान और उपचार भी जरूरी है। सीने में दर्द, सांस फूलना, असामान्य थकान या अचानक चक्कर आने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नियमित स्वास्थ्य जांच और जोखिम कारकों की निगरानी से हृदय संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि बीएलएस और सीपीआर का प्रशिक्षण आम लोगों को कार्डियक इमरजेंसी में शुरुआती और महत्वपूर्ण सहायता देने के लिए तैयार करता है। नारायणा हॉस्पिटल जयपुर एवं मुंबई के डायरेक्टर बलविंदर सिंह वालिया ने कहा कि विश्व हृदय दिवस लोगों को हृदय स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का अवसर देता है।

सामुदायिक आयोजन स्वास्थ्य और फिटनेस का संदेश आम लोगों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं। इस पहल का उद्देश्य सक्रिय एवं स्वस्थ जीवनशैली के साथ बीएलएस और सीपीआर जैसी जीवनरक्षक तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

क्लिनिकल डायरेक्टर डॉ. प्रदीप कुमार गोयल ने कहा कि स्वस्थ हृदय की दिशा में रोजमर्रा की आदतों में छोटे बदलाव महत्वपूर्ण हैं। नियमित वॉक, शारीरिक गतिविधि, बेहतर खान-पान और पर्याप्त आराम को दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्व हृदय दिवस का संदेश केवल हृदय रोगों के प्रति जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि रोज ऐसे विकल्प चुनने से जुड़ा है जो समग्र स्वास्थ्य के लिए बेहतर हों।

आयोजन के माध्यम से फिटनेस, हृदय स्वास्थ्य, स्वस्थ जीवनशैली और कार्डियक इमरजेंसी में त्वरित प्रतिक्रिया के महत्व पर जोर दिया गया। वॉकाथॉन, जुम्बा सेशन और बीएलएस-सीपीआर प्रशिक्षण के जरिए प्रतिभागियों को स्वस्थ और अधिक जागरूक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।

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