जयपुर। जवाहर नगर थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार काली थार से स्कूटी सवार युवक को कुचलने के मामले में पुलिस ने तीन डॉक्टरों को डिटेन किया है। पुलिस ने करीब 100 किलोमीटर के दायरे में 400 सीसीटीवी फुटेज खंगालकर हादसे में शामिल थार का पता लगाया। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। हादसे में गंभीर घायल हुए युवक विजय पासवान (24) की रविवार को उपचार के दौरान मौत हो गई।
जवाहर नगर थानाधिकारी सरला यादव के अनुसार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए धर्मेंद्र कड़वा निवासी डीडवाना-कुचामन, यथार्थ हंस और राजेश धाकड़ निवासी चित्तौड़गढ़ को डिटेन किया है। पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी डॉक्टर हैं और विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई करके लौटे हैं। हादसे के समय धर्मेंद्र के थार चलाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस ने हादसे के बाद घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। करीब 100 किलोमीटर के दायरे में अलग-अलग स्थानों के 400 सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। रूट मैप और कैमरों में कैद वाहन की आवाजाही के आधार पर पुलिस ने काली थार के रजिस्ट्रेशन नंबर की पहचान की।
इसके बाद पुलिस टीम ने सालासर से राजेश धाकड़ और यथार्थ को डिटेन किया। दोनों की निशानदेही पर धर्मेंद्र को थाने बुलाकर डिटेन किया गया। पुलिस ने हादसे में इस्तेमाल काली थार भी जब्त कर ली है।
हादसा 22 सितंबर की रात करीब 12:30 बजे राजापार्क के उदय मार्ग चौराहे पर हुआ था। मूल रूप से उत्तर प्रदेश निवासी विजय करीब तीन साल पहले जयपुर आया था। वह आदर्श नगर स्थित चिकन हंट में काम करता था और वहीं रहता था।
पुलिस के अनुसार विजय रात में चिकन हंट से जवाहर नगर टीला नंबर-7 स्थित दोस्तों के घर खाना देने के लिए स्कूटी से जा रहा था। उदय मार्ग चौराहा पार करते समय तेज रफ्तार काली थार ने उसकी स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि थार स्कूटी और विजय को करीब 15 फीट तक घसीटती हुई चली गई। हादसे के बाद थार चालक मौके से फरार हो गया था।
हादसे में विजय के सिर, कंधे और हाथ में गंभीर चोटें आई थीं। पुलिस ने उसे उपचार के लिए एसएमएस अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में भर्ती कराया, जहां उसके सिर का ऑपरेशन किया गया। कई दिनों तक उपचार के बाद रविवार को विजय ने दम तोड़ दिया।
परिजनों के अनुसार विजय परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। परिवार में उसके माता-पिता और तीन बहनें हैं। उसकी मौत के बाद परिवार पर आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। पुलिस अब डिटेन किए गए तीनों आरोपियों से हादसे के समय उनकी मौजूदगी, वाहन चलाने और घटना के बाद फरार होने सहित अन्य पहलुओं पर पूछताछ कर रही है।















