जयपुर रिसॉर्ट हादसा: निर्माणाधीन सीवरेज की दीवार ढही, दो महिलाओं सहित तीन मजदूरों की मौत

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Jaipur resort accident: Under-construction sewage wall collapses.
Jaipur resort accident: Under-construction sewage wall collapses.

जयपुर। जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-48) पर चंदवाजी थाना क्षेत्र के ताला मोड़ स्थित ‘द पैलेस अरावली रिसॉर्ट’ में सोमवार दोपहर करीब 12:50 बजे निर्माणाधीन सीवरेज (सेप्टिक टैंक) की दीवार ढहने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में दो महिलाओं सहित तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक मजदूर घायल हो गए।

घटना के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और ठेकेदार मौके से फरार हो गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा कर राहत कार्यों की समीक्षा की तथा पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

मिट्टी धंसने और कंपन से ढही दीवार

जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक हनुमान प्रसाद मीणा ने बताया कि रिसॉर्ट परिसर में करीब 100 फीट लंबा, 30 फीट चौड़ा और 20 फीट गहरा सीवरेज गड्ढा बनाया गया था। यहां 24 से अधिक मजदूर नवनिर्मित दीवार के पास मिट्टी की भराई और मरम्मत कार्य में जुटे थे। जिला कलक्टर संदेश नायक के अनुसार, भराई के दौरान मिट्टी धंसने अथवा कंपन (वाइब्रेशन) के कारण दीवार अचानक भरभराकर गिर गई और भारी सीमेंट ब्लॉक व मिट्टी मजदूरों पर आ गिरी।

दो महिलाओं समेत तीन की मौत

हादसे में रिंकू (32) पत्नी मनदीप, सविता पत्नी मनोज कुमार तथा बिहार के गया निवासी रामजी मांझी (28) पुत्र रामप्रवेश की मौत हो गई। मृतकों के शव निम्स अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए गए हैं। मलबे के नीचे दबने से एक महिला का शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया, जिसे कपड़े की पोटली में बांधकर बाहर निकालना पड़ा।

भाई की मौत, पानी पीने गई बहन बची

बिहार निवासी मजदूर ममता ने बताया कि उसका भाई रामजी सीमेंट के ब्लॉक लेकर जा रहा था, तभी दीवार गिर गई। उसने बताया कि हादसे से कुछ क्षण पहले वह पानी पीने के लिए गड्ढे से बाहर आ गई थी, जिससे उसकी जान बच गई, जबकि उसका भाई मलबे में दब गया।

हाथों और सरियों से शुरू हुआ रेस्क्यू

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, सिविल डिफेंस, एसडीआरएफ और प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचीं। शुरुआती दौर में स्थानीय लोगों और बचाव दल ने हाथों तथा सरियों की मदद से पत्थर हटाकर मजदूरों को निकालने का प्रयास किया। बाद में जेसीबी और अन्य मशीनों की सहायता से मलबा हटाकर सभी दबे मजदूरों को बाहर निकाला गया। घायलों को तत्काल निम्स अस्पताल पहुंचाया गया, जहां तीन गंभीर घायलों का उपचार जारी है, जबकि अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

मंत्री और जनप्रतिनिधियों ने लिया जायजा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल और विधायक गोपाल शर्मा घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की तथा निम्स अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। इस दौरान जमवारामगढ़ विधायक महेंद्र मीणा, आमेर विधायक प्रशांत शर्मा, जिला कलक्टर संदेश नायक सहित पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।

सुरक्षा मानकों की होगी जांच

जिला कलक्टर संदेश नायक ने बताया कि हादसे में प्रभावित अधिकांश मजदूर बिहार के रहने वाले हैं। प्रथम दृष्टया निर्माण स्थल पर मिट्टी धंसने और कंपन के कारण दीवार गिरने की आशंका है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं, इसकी गहन जांच की जाएगी। इसके लिए निर्माण स्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जाएंगे। रिसॉर्ट के मालिक विजय अग्रवाल बताए गए हैं।

दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि यह अत्यंत दुखद घटना है। प्रारंभिक जांच में सेप्टिक टैंक निर्माण के दौरान लापरवाही की आशंका सामने आई है। पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक हनुमान प्रसाद मीणा ने बताया कि पुलिस ने मृतकों की शिनाख्त कर ली है तथा फरार ठेकेदार की तलाश शुरू कर दी गई है। निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही या सुरक्षा नियमों की अनदेखी हुई है या नहीं, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है।

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