जयपुर। मानसरोवर थाना इलाके में पीजी और हॉस्टल के नाम पर बेश-कीमती बिल्डिंगें किराए पर लेकर उन्हें हड़पने वाली एक शातिर गैंग के मुख्य सदस्य को गिरफ्तार किया है। जो फर्जी दस्तावेजों और कोर्ट स्टे की आड़ में मकान मालिकों को चपत लगा रहा था। फिलहाल आरोपित से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) राजर्षि राज ने बताया कि मानसरोवर थाना इलाके में पीजी और हॉस्टल के नाम पर बेशकीमती बिल्डिंगें किराये पर लेकर उन्हें हड़पने वाली एक शातिर गैंग के मुख्य सदस्य कृष्ण कुमार स्वामी (41) निवासी कोटपूतली-बहरोड़ हाल मानसरोवर जयपुर को गिरफ्तार किया है।
आरोपी इस गिरोह में गवाह बनकर फर्जी दस्तावेजों को असली दिखाने का काम करता था। जांच में सामने आया है कि इस गैंग के खिलाफ मानसरोवर, महेश नगर और शिप्रापथ थानों में कई मामले दर्ज हैं।
थानाधिकारी लखन सिंह खटाना ने बताया कि यह गैंग बेहद शातिर तरीके से काम करती है। गैंग के सदस्य पहले किसी मकान मालिक से पीजी चलाने के लिए बिल्डिंग किराए पर लेते हैं। इसके बाद गिरोह का ही एक सदस्य खुद को फर्जी मालिकाना हक वाला बताकर किसी तीसरे व्यक्ति के साथ कूटरचित (फर्जी) किरायानामा तैयार करवा कर मकान मालिक को किराया देना बंद कर देते हैं और खाली करने के लिए कहने पर धमकियां देते हैं। वहीं मामला कोर्ट में ले जाकर ‘स्टे’ ले आते हैं और उसी की आड़ में न तो किराया देते हैं और न ही कब्जा छोड़ते हैं।
इस बड़ी कार्रवाई में थानाधिकारी लखन सिंह खटाना के साथ उपनिरीक्षक महेन्द्र सिंह, हेड कांस्टेबल दामोदर और कांस्टेबल विजयपाल व संदीप की विशेष भूमिका रही। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी अन्य मकान मालिक के साथ भी इस तरह का धोखा हुआ है तो वे तुरंत संबंधित पुलिस थाने में अपनी शिकायत दर्ज करवाएं। किराये पर प्रॉपर्टी देते समय किरायेदार का पूर्ण पुलिस वेरिफिकेशन जरूर करवाएं।




















