जयपुर। विभिन्न मांगों को लेकर संयुक्त नर्सेज संघर्ष समिति के नेतृत्व में आंदोलनरत निविदा नर्सेज का धरना शुक्रवार को 49वें दिन और आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। लंबे समय से आंदोलन के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं होने पर नर्सेज ने आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है।
संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबूलाल गोयल प्रतिनिधिमंडल की जायज मांगों के प्रति संवेदनशीलता नहीं दिखा रहे हैं। उनका कहना है कि मांगों की लगातार अनदेखी के कारण आंदोलन उग्र होता जा रहा है और अब नर्सेज अपने अधिकारों एवं न्याय के लिए निर्णायक संघर्ष करने को मजबूर हैं।
समिति के प्रदेश संयोजक नरेंद्र सिंह शेखावत, राजेंद्र राणा, चंद्रकांत शर्मा, पवन मीणा, रामवीर सोलंकी, विनीता शेखावत, जे.पी. कसवां, हरि सिंह भाटी, महिपाल सामोता और गुड्डी सैनी ने राज्य सरकार से करीब 50 दिनों से संघर्षरत सभी निविदा नर्सेज की सेवा बहाली के स्पष्ट आदेश जारी करने की मांग की। साथ ही स्वर्गीय दीपक के प्रकरण में निष्पक्ष जांच कर न्याय सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई।
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं किया तो जयपुर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।



















