गुरु की शरणं में ही होते हैं भगवान के साक्षात दर्शन: आशीष महाराज

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One attains a direct vision of God only by seeking refuge in the Guru: Ashish Maharaj
One attains a direct vision of God only by seeking refuge in the Guru: Ashish Maharaj

जयपुर। पुरुषोत्तम मास में आयोजित नो दिवसीय भागवत कथा का आयोजन मन्दिर श्री सीताराम जी छोटी चौपड़ पर किया जा रहा है। इस मौके पर कथा व्यास आशीष महाराज ने छठे दिन के कथा महोत्सव में कृष्ण जन्म की कथा का भावपूर्वक वर्णन किया।

आशीष महाराज ने बताया कि कंस कि बहन देवकी के यहां पर आठवां पुत्र जगत के पालनहार के रूप में श्रीकृष्ण ने जन्म लिया। उनको वासुदेवजी ने नन्द बाबा के यहां पर पहुंचा दिया। यशोदा मैया के यहां पर कृष्ण जन्म पर उत्सव मनाया गया इस दौरान मन्दिर में बधाई गीत गाकर भक्तों ने नाच गाकर बड़ी धूमधाम से जन्म उत्सव मनाया। भक्तों ने इस उपलक्ष्य में भागवत कथा महोत्सव में उपस्थित सभी 121 पोथी आचार्य को बधाई- दक्षिणा एवं दुपट्टा पहनाकर कर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।

महाराज श्री ने बताया कि भगवान ने पूतना का वधकर और अकासुर- बकासुर को मारकर उदार किया। महाराज ने बताया कि जब भी देवताओ ने किसी को श्राप दिया तो ईश्वर ने आकर उनका उद्धार किया। नारद जी ने श्राप दिया तो राम जी ने रावण का, श्रीकृष्ण ने कंस का, नरसिंह देव भगवान ने हिरण्यकश्यप को मारकर संसार के सभी जीवों को बचाया। इस मौके पर महाराज श्री ने गोपीयों के साथ माखन लीला का वर्णन किया गया। गुरु की शरणं में ही भगवान के साक्षात दर्शन होते हैं।

उन्होंने बताया कि मनुष्य को जवानी में ही भक्ति करनी चाहिए, मनुष्य बुढ़ापे में भगवान की भक्ति नहीं कर सकता है। समिति के मंत्री रामबाबू झालानी ने बताया कि मन्दिर महंत नंदकिशोर की और से मंदिर परिसर में भक्तों के लिए बैठने कि सुन्दर व्यवस्था की गई है भीषण गर्मी को देखते हुए कूलर- पंखों एवं ठंडे पानी कि व्यवस्था की गई है। कथा के विश्राम पर भक्तों ने आरती पूजा में बड़ी संख्या में भाग लिया। इस मौके पर पूरा मंदिर प्रांगण भगवान के जयकारों से गुंजायमान हो गया।

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