अधिक मास के बाद लौटेगी मांगलिक कार्यों की रौनक: 17 से फिर गूंजेंगी शहनाइयां

0
50
The buzz of auspicious activities will return after Adhik Maas.
The buzz of auspicious activities will return after Adhik Maas.

जयपुर। पुरुषोत्तम (अधिक) मास का समापन 15 जून को होने के साथ ही विवाह एवं अन्य मांगलिक कार्यों की रौनक फिर लौटेगी। करीब एक माह तक शुभ कार्यों पर लगे विराम के बाद 17 जून से मांगलिक कार्य प्रारंभ हो जाएंगे, जबकि विवाह के प्रमुख शुभ मुहूर्त 19 जून से शुरू होंगे।

पंडित राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि निर्णय सागर एवं बृज भूमि पंचांग के अनुसार 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी तक विवाह, मुंडन, यज्ञोपवीत, कर्णवेध, गृह प्रवेश तथा नए व्यवसायों के शुभारंभ जैसे मांगलिक कार्य संपन्न किए जा सकेंगे। इसके बाद भगवान विष्णु के शयन काल के आरंभ होने से चार माह तक विवाह एवं अन्य शुभ कार्यों पर विराम लग जाएगा।

उन्होंने बताया कि जून और जुलाई में कुल 20 प्रमुख विवाह मुहूर्त उपलब्ध हैं। जून में 19, 20, 22, 23, 24, 26, 27 एवं 29 जून तथा जुलाई में 1, 3, 4, 6, 7, 8, 9, 11 और 12 जुलाई को विवाह के शुभ मुहूर्त रहेंगे। 22 जून को अबूझ सावा होने के कारण बड़ी संख्या में विवाह समारोह आयोजित होने की संभावना है।

शर्मा के अनुसार यह समय ग्रामीण क्षेत्रों में विवाह के लिए विशेष रूप से अनुकूल माना जाता है। फसल कटाई के बाद किसानों के पास पर्याप्त समय और संसाधन उपलब्ध होने से ग्रामीण अंचलों में विवाह समारोहों की संख्या अधिक रहती है। वहीं शहरों में भी विवाह समारोहों की तैयारियां तेज हो गई हैं।

विवाह सीजन की शुरुआत के साथ ही बाजारों में भी रौनक लौटने लगी है। अधिक मास के दौरान सुस्त पड़े कपड़ा, ज्वेलरी, बर्तन, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स, उपहार, किराना, टेंट, सजावट, बैंड-बाजा, मिठाई और कैटरिंग व्यवसाय में तेजी देखने को मिल रही है। व्यापारी कैलाश जांगिड़ ने बताया कि ग्राहकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे कारोबार में उत्साह का माहौल है।

अधिक मास के कारण स्थगित हुए विवाह समारोह अब जून और जुलाई में आयोजित होने से विवाह उद्योग के साथ-साथ स्थानीय व्यापार को भी बड़ा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here