जयपुर में आर्केसिया फोरम में एशिया के 2 हजार से अधिक वास्तु विशेषज्ञ जुटे

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Over 2,000 architectural experts from Asia gathered at the Arcasia Forum in Jaipur.
Over 2,000 architectural experts from Asia gathered at the Arcasia Forum in Jaipur.

जयपुर। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स (आईआईए) की ओर से आयोजित 23वें आर्केसिया फोरम में एशिया के 2 हजार से अधिक वास्तु एवं डिजाइन विशेषज्ञ एक मंच पर जुटे। इनमें 1,500 से अधिक भारतीय और करीब 600-700 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल रहे। 24 सदस्य देशों के वास्तुकार, डिजाइनर, शिक्षाविद, विद्यार्थी और पेशेवरों ने वास्तुकला, जलवायु, प्राकृतिक सामग्री और स्थानीय ज्ञान पर विचार साझा किए।

फोरम का प्रमुख आकर्षण 37 साल बाद आर्केसिया की अध्यक्षता भारत को मिलना रहा। 10 सितंबर को आगरा में हुई आर्केसिया काउंसिल मीटिंग में अध्यक्ष पद के चुनाव में आईआईए के प्रतिनिधि आर्किटेक्ट तुषार सोगानी ने इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स पाकिस्तान के उम्मीदवार फवाद सुहैल अब्बासी को हराया। सोगानी को 18 मत मिले और वे 2028-29 के लिए आर्केसिया प्रेसिडेंट चुने गए। फोरम के संयोजक भी तुषार सोगानी रहे।

प्रीट्जकर पुरस्कार विजेता वास्तुकार रिकेन यामामोटो ने ‘द कॉन्सेप्ट ऑफ एशिया एंड कम्युनिटी’ विषय पर मुख्य व्याख्यान दिया। उन्होंने वास्तुकला को समुदाय, सामाजिक जुड़ाव और साझा स्थानों के निर्माण से जोड़ते हुए बदलते सामाजिक व पर्यावरणीय परिदृश्य में इसकी भूमिका पर विचार रखे।

फोरम में डिजाइनिंग फॉर लोकल क्लाइमेट, बिल्डिंग विद नेचुरल मटेरियल्स और लर्निंग फ्रॉम वर्नाकुलर आर्किटेक्चर जैसे विषयों पर भी सत्र हुए। मिट्टी, पत्थर, बांस, चूना, लकड़ी और प्राकृतिक कंपोजिट जैसी सामग्रियों को टिकाऊ व कम-कार्बन निर्माण के विकल्प के रूप में चर्चा में रखा गया। वहीं स्थानीय वास्तुकला को केवल शैली नहीं, बल्कि पीढ़ियों से विकसित डिजाइन प्रणाली के रूप में समझने पर जोर दिया गया।

फोरम में एशियाई देशों की वास्तु परियोजनाओं, प्रतियोगिताओं की विजेता परियोजनाओं और शोध कार्यों की प्रदर्शनियां भी लगाई गईं। छात्र इंस्टॉलेशन और प्रतियोगिता प्रस्तुतियां युवा वास्तुकारों की रचनात्मक सोच का केंद्र रहीं। आयोजन ने वास्तुकला को इमारतों तक सीमित रखने के बजाय समुदाय, संस्कृति, जलवायु, सामग्री और स्थानीय ज्ञान से जोड़ने का संदेश दिया।

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