जयपुर। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री गोपालजी महाराज की 208वीं हेड़े की परिक्रमा 16 सितंबर 2026, भादवा सुदी छठ संवत् 2083 को निकाली जाएगी। परिक्रमा सुबह 6 बजे गोपालजी का रास्ता स्थित श्री नृसिंहजी मंदिर से शुरू होगी और रात 10 बजे श्री गोपालजी के निज मंदिर पहुंचकर संपन्न होगी।
परिक्रमा में भक्त सफेद धोती-कुर्ता और मोतिया रंग की पगड़ी पहनकर नंगे पैर भजन-कीर्तन करते हुए शामिल होंगे। ढोलकी-मंजीरों से सुसज्जित भक्त मंडली जयपुर के प्राचीन मंदिरों के दर्शन करते हुए परिक्रमा करेगी। श्री नृसिंहजी मंदिर से शुरू होकर गोपालजी मंदिर, जौहरी बाजार के विभिन्न मंदिरों में भजन-कीर्तन करते हुए सुबह 9 बजे सांगानेरी गेट पहुंचेंगे।
यहां से धुलेश्वर महादेव मंदिर, हाथी बाबू का बाग, नाहरी का नाका स्थित पंचमुखी हनुमान, धूलकोट, गढ़ गणेश, नहर के गणेशजी, धोतीवालों की बगीची, बद्रीनारायणजी की डूंगरी, लाल डूंगरी स्थित कल्याणजी और गणेशजी के मंदिरों के दर्शन करते हुए गलता पहुंचेंगे। यहां विश्राम के साथ घाट के हनुमानजी के दर्शन किए जाएंगे।
इसके बाद घाट की गुणी के नीचे फतेहचंद्रमाजी के मंदिर में दोपहर 12 बजे बालकों को बहुमूल्य आभूषण एवं पोशाक पहनाकर श्री गोपालजी के स्वरूप में श्रृंगार किया जाएगा। उन्हें चांदी की पालकी में विराजमान किया जाएगा। शाम 5 बजे आरती के बाद स्वरूपों की झांकी रवाना होगी। भक्त मंडली भजन-कीर्तन करते हुए शाम 6 बजे सांगानेरी गेट पहुंचेगी।
सांगानेरी गेट से शाम 7 बजे हाथी, घोड़े, ऊंट सहित लवाजमे, शहनाई वादन और बैंड की भक्तिमय धुनों के साथ परिक्रमा आगे बढ़ेगी। रंग-बिरंगी रोशनी से सजे लवाजमे के साथ जौहरी बाजार, बड़ी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार और चौड़ा रास्ता होते हुए गोपालजी के रास्ते स्थित निज मंदिर पहुंचेगी। मार्ग में गणमान्य लोग श्री गोपालजी के स्वरूपों की आरती उतारेंगे। रात 10 बजे निज मंदिर पहुंचने के साथ 208वीं हेड़े की परिक्रमा का समापन होगा।



















